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| फाइल फोटो |
जलाशय में सिल्ट सफाई से सुधरी जलापूर्ति व्यवस्था
जून के महीने में परियट बांध के सामने सिल्ट जमा होने के कारण पंप तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे पूरे रांझी और गोकलपुर इलाके में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। तब अधिकारी कमलेश श्रीवास्तव ने विशेष टीम तैनात कर जमा हुई गाद को निकलवाने का काम पूरा किया। इस कवायद के बाद अब कम से कम 1 समय पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो पा रही है। यदि क्षेत्र में बारिश का क्रम इसी तरह जारी रहा, तो निगम प्रशासन आने वाले दिनों में पानी की आपूर्ति को बढ़ाकर 2 समय करने पर भी विचार कर सकता है। परियट जलाशय की विशेषता यह है कि यह खंदारी की तुलना में बहुत जल्दी भरता है, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए राहत की संभावना बनी हुई है।
बरगी बांध से भी बढ़ी क्षेत्रवासियों की उम्मीदें
गर्मी के मौसम में जब बरगी नहर की जलापूर्ति बंद कर दी जाती है, तब रांझी और गोकलपुर के लिए परियट ही एकमात्र प्रमुख पेयजल स्रोत बचता है। इस वर्ष परियट में पानी कम होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं, लेकिन अब बरगी बांध के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। बांध और नहरों में पानी का बढ़ना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों को पेयजल के लिए जूझना नहीं पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे बांधों का जलस्तर बढ़ेगा, वैसे-वैसे रांझी और आसपास के प्रभावित इलाकों के लोगों को अधिक राहत मिलेगी।
