जबलपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए आज देश व मध्यप्रदेश के क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया है। मौसम विभाग जबलपुर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मानसून ने उत्तर अरब सागर के शेष हिस्सों, गुजरात के कुछ और इलाकों, राजस्थान तथा हरियाणा के अतिरिक्त क्षेत्रों में अपनी पहुंच बना ली है। खास बात यह है कि मध्य प्रदेश के बाकी बचे हुए क्षेत्रों में भी मानसून ने पूरी तरह से कदम रख दिए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में अब वर्षा की स्थिति व्यापक हो गई है। मानसून की उत्तरी सीमा अब 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश/60 डिग्री पूर्वी देशांतर, 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश/65 डिग्री पूर्वी देशांतर, जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार, भटिंडा तथा 32.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश/70 डिग्री पूर्वी देशांतर से होकर गुजर रही है।
प्रदेश भर में मानसून की जोरदार मौजूदगी
जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के सभी अंचलों में अब मानसून के बादल पूरी तरह छा गए हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी मानसून की सुस्त चाल के बाद अब इसमें गति आ गई है। प्रदेश के जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी बनी हुई थी, वहां भी अब नमी और बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 4 से 5 दिनों का समय बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान मानसून उत्तर अरब सागर के शेष हिस्सों, गुजरात के बचे हुए इलाकों, पंजाब और हरियाणा के शेष भागों तथा राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। इसके लिए वर्तमान में सभी आवश्यक मौसमी परिस्थितियाँ पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे देश के इन राज्यों में जल्द ही झमाझम बारिश होने के पूरे आसार हैं।
खेती के लिए शुभ संकेत
देश के विभिन्न राज्यों में मानसून की मौजूदा स्थिति और आगामी दिनों के पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि और जनजीवन के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है। मानसून की यह प्रगति न केवल तापमान में कमी लाएगी, बल्कि खेती के कार्यों के लिए भी संजीवनी का काम करेगी। विशेष रूप से उत्तर और पश्चिम भारत के वे इलाके जो अब तक मानसून की प्रतीक्षा कर रहे थे, वहां अब जल्द ही राहत की बारिश शुरू हो जाएगी। फिलहाल मौसम तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और मानसून की उत्तरी सीमा में हो रहा विस्तार इस बात का प्रमाण है कि बारिश का दौर अब पूरे देश में सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है।
