जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले 44 वर्षीय धर्मेंद्र मिश्रा के साथ ऑनलाइन ठगी की वारदात सामने आई है। धर्मेंद्र मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 11 जुलाई की रात उन्हें जानकारी मिली कि उनके बैंक खाते से 29 जून से 2 जुलाई के बीच कुल 40 हजार 822 रुपए निकाल लिए गए हैं। इस मामले में उनकी बेटी तानिया मिश्रा ने खुलासा किया कि उसने इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम सर्च किया था, जहां ग्लोबल बुक पब्लिकेशन के नाम से एक पेज मिला। वहां से टाइप राइडर का काम दिलाने का झांसा देकर 15 हजार रुपए प्रति प्रोजेक्ट देने का लालच दिया गया। आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर क्यूआर कोड मांगा और 500 रुपए की लिंक भेजी। जैसे ही बेटी ने भुगतान किया, जालसाजों ने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी हासिल कर 40 हजार 822 रुपए पार कर दिए।
टाइपिंग के काम का झांसा देकर ठगी की गई
धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद तानिया ने संबंधित लोगों से फोन पर संपर्क करने का काफी प्रयास किया, लेकिन सभी नंबर बंद मिले। ठगों ने बड़े ही शातिराना अंदाज में खुद को ग्लोबल बुक पब्लिकेशन का प्रतिनिधि बताकर अकाउंट को खाली कर दिया। पीड़ित ने तुरंत इसकी सूचना थाने में दी, जिसके बाद गढ़ा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 319(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस साइबर धोखाधड़ी की जांच कर रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
सावधानी से बचें डिजिटल धोखाधड़ी के जाल से
ऑनलाइन काम के चक्कर में लोग अक्सर अपनी निजी और बैंक संबंधी जानकारी अनजान लोगों को दे देते हैं, जिसका फायदा उठाकर अपराधी खाते खाली कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी को अपना क्यूआर कोड या ओटीपी शेयर करें। वर्क फ्रॉम होम के नाम पर आने वाले लुभावने विज्ञापनों की पहले पूरी तरह से जांच-परख करें। यह मामला एक बड़ा सबक है कि कैसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है।
