जबलपुर। वर्ष 2019 में हुई एक घटना को लेकर नरसिंहपुर न्यायालय ने आरपीएफ के डीआईजी विजय खातरकर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह मामला ओवरनाइट एक्सप्रेस में सफर कर रही एक रेलवे अधिकारी की पत्नी के साथ हुई कथित छेड़छाड़ से जुड़ा है। घटना के बाद पीड़िता ने गाडरवारा जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस कार्रवाई ने पूरे रेलवे महकमे में हलचल मचा दी है। रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने से विभाग के भीतर और बाहर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए जीआरपी ने तेज की सक्रियता
न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी अब अपनी कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रही है। पूरा मामला वर्ष 2019 का है जब ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उस समय की गई शिकायत पर अब तक चली कानूनी प्रक्रिया के अंतिम चरण में यह गिरफ्तारी वारंट एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अधिकारी खुद समर्पण करेंगे या जीआरपी उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने उपस्थित करेगी। इस घटनाक्रम ने रेलवे विभाग की कार्यप्रणाली और वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में जीआरपी की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर अधिकारी को पकड़ने का प्रयास कर रही हैं। यह मामला न्याय व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कानून का पालन कराने वाली संस्था का ही एक बड़ा अधिकारी आरोपी है।
