
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की पुलिस अधीक्षक से विस्तृत चर्चा हुई
जबलपुर. संस्कारधानी जबलपुर शहर की एक बड़ी संख्या जो हाईकोर्ट चौक से होते हुए घमापुर, अधारताल की ओर आते-जाते हैं, वे रोजाना जबर्दस्त जाम में फंस रहे हैं, जिससे उनके समय व ईंधन की जबर्दस्त बर्बादी हो रही है. इसलिए इस मार्ग पर मंजूर किये गये फ्लाई ओवर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराया जाये. उक्त मांग नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से भेंट कर की.
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डा. पीजी नाजपांडे ने कहा कि अधारताल से शहर के तरफ आने में मुश्किल खड़ी है। घमापुर तथा हाईकोर्ट के पास इस कदर रोजाना जाम लगता है कि नागरिक परेशान हो रहे हैं। अत: घमापुर फ्लाईओवर ही बनना अत्यंत आवश्यक है। इस बिन्दु पर जब आज विभिन्न संगठनों ने पुलिस अधीक्षक संपत्त उपाध्याय से चर्चा की उन्होंने माना किइस मार्ग पर यातायात दुरूस्त करने के लिए हर संभव प्रयास किये गये, लेकिन वे अभी तक फेल रहे हैंय अत: फ्लाईओवर ही उसका एकमात्र उपाय है। शासन को तत्काल ही यह जानकारी भेजी जायेगी।
8 साल से घमापुर फ्लाईओवर का मामला पेंडिंग
डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने बताया कि तहसील चौक से घमापुर, भानतलैया और रद्दी चौकी तक फ्लाई ओवर बनाने का मामला पूर्व में वर्ष 2019 में लगभग 269 करोड की लागत से बनाने का तय हुआ था, किंतु 8 वर्ष बीतने के बावजूद भी इस प्रस्ताव पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। बाद में वर्ष 2024 में रेलवे पुल नं. 2 से हाईकोर्ट चौक, घमापुर, भानतलैया, रद्दी चौकी के कैप्टीन हमीद चौक तक 6 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसकी अनुमानित लागत 800 करोड़ आंकी गई। इस प्रस्ताव पर भी अभी तक कार्य नहीं हो पाया है।
अब गोहलपुर पुलिया की चौड़ाई करने का काम शुरू होने से वहां पर भी जाम फिर से लगने लगा है। नतीजा यह हुआ है कि अधारताल से शहर तक आने के लिए घमापुर का रास्ता या गोहलपुर का रास्ता दोनों ही मुश्किल भरे हो गये हैं। इस दौरान रजत भार्गव, संतोष श्रीवास्तव, डी.के. सिंह, सुभाष चन्द्रा, एड. वेद प्रकाश अधौलिया, सुशील कनौजिया, मनीष शर्मा, गीता पाण्डे, पी.एस. राजपूत, यशवंत कोष्टा, एड. ब्रजेश साहू आदि शामिल थे।