जबलपुर। शहर में मानसून की दस्तक के साथ ही जल संरक्षण के प्रति नगर निगम ने कमर कस ली है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के नेतृत्व में शहर भर में वर्षा जल संचय का महाअभियान शुरू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गिरते भूजल स्तर को सुधारना और पानी की बर्बादी को रोकना है। प्रशासन ने जल ही जीवन है के मूल मंत्र को अपनाते हुए शहर के हर कोने में सक्रियता बढ़ा दी है। इस मुहिम के तहत तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग कर बारिश की बूंदों को जमीन के भीतर सहेजने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। निगम के आला अधिकारी खुद मैदानी स्तर पर इस काम की निगरानी कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में शहर को जल संकट से पूरी तरह मुक्ति मिल सके।
हैंडपंप और बोरवेल के पास बनेंगे रिचार्ज शाफ्ट
नगर निगम ने शहर में जल स्तर को बढ़ाने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना लागू की है। इसके तहत सभी सार्वजनिक हैंडपंपों और बोरवेल्स के समीप रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण किया जा रहा है। यह तकनीक बारिश के पानी को व्यर्थ बहने से रोककर सीधे जमीन के अंदर पहुंचाएगी। इससे सूख चुके जल स्रोतों में फिर से पानी का दबाव बढ़ेगा और आसपास के क्षेत्रों का वाटर लेवल बेहतर होगा। निगम की टीम नागरिकों को अपने निजी घरों में भी रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिए प्रेरित कर रही है ताकि हर घर जल संरक्षण का केंद्र बन सके।
वैज्ञानिक तरीके से हो रही पुराने कुओं की सफाई
निगम प्रशासन शहर के पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इसके तहत पुराने कुओं की सफाई का काम विशेषज्ञों की देखरेख में वैज्ञानिक तरीके से संपन्न किया जा रहा है। कुओं से वर्षों पुरानी गाद निकालकर उन्हें गहरा किया जा रहा है ताकि उनमें अधिक पानी एकत्र हो सके। सफाई के बाद पानी को शुद्ध और उपयोग के लायक बनाया जाएगा ताकि इनका लाभ आम जनता को मिल सके। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने शहरवासियों से इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने और पानी की हर एक बूंद को सहेजने का संकल्प लेने की अपील की है।

