जबलपुर। जबलपुर में केंद्र और राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी पहलों के अंतर्गत पथ विक्रेताओं के दिन अब बदलने वाले हैं। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 15 हजार और 25 हजार रुपये का पहला व दूसरा किश्त का ऋण सफलतापूर्वक और समय पर चुकाने वाले वेंडरों को अब क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस कदम से छोटे कारोबारियों को अपनी कार्यशील पूंजी बढ़ाने और व्यापार का विस्तार करने में सीधी मदद मिलेगी। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बैंक अधिकारियों के साथ पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान यह महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा की। बैठक में अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, अशफाक परवेज कुरैशी, वीएन बाजपेई, सौरभ मिश्रा और उपायुक्त अंकिता जैन सहित सभी बैंकर्स उपस्थित रहे।
कितने वेंडर को मिलेंगे क्रेडिट कार्ड
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्पष्ट किया कि जिन स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने पूर्व स्वीकृत 15000 एवं 25000 रुपये के ऋण की अदायगी समय पर कर दी है, उन्हें अब बैंक क्रेडिट कार्ड जारी करेंगे। इससे उन्हें बार-बार लोन आवेदन की लंबी प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा। निगमायुक्त श्री अहिरवार ने बैठक में उपस्थित सभी बैंक अधिकारियों से अपील की कि वे सहृदयता और तत्परता दिखाते हुए अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ पहुंचाएं। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए वेंडरों द्वारा किए जा रहे डिजिटल पेमेंट पर मिलने वाले कैशबेक और क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही उन्हें इस नई सुविधा से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे मुख्यधारा की बैंकिंग प्रणाली से पूरी तरह सशक्त होकर जुड़ सकें।
छोटे व्यापारियों को आपात स्थिति में मिलेगी त्वरित आर्थिक मदद
निगमायुक्त ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल क्रांति के इस दौर में हमारे रेहड़ी-पटरी और स्ट्रीट वेंडर्स अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ हैं। पीएम स्वनिधि योजना के तहत क्रेडिट कार्ड मिलने से छोटे व्यापारियों को आपात स्थिति और रोजमर्रा के व्यापार संचालन में तुरंत वित्तीय मदद मिल सकेगी। इस नई व्यवस्था से वेंडर्स को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ाएंगे। प्रशासन और बैंकों के इस संयुक्त प्रयास से जबलपुर के हजारों स्ट्रीट वेंडर्स के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
