खबर है कि विद्युत कंपनियों का कहना है कि ईंधन की मंहगाई के बिलों में वृद्ध का कदम उठाया गया है। आने वाले दिनों में बढ़े हुए बिजली के बिल भी उपभोक्ताओं तक पहुंचगें। कि 200 से 300 यूनिट की खपत पर 35 से 87 रुपए तक अधिक होगें। खबर है कि एफसीपीपीए सरचार्ज 1.11 परसेंट से बढ़ाकर 3.77 परसेंट कर दिया गया है। यानी पिछले महीने की तुलना में उपभोक्ताओं पर 2.66 परसेंट अधिक सरचार्ज का बोझ पड़ेगा। यह सरचार्ज बिजली बिल के एनर्जी चार्ज पर लागू होगा और प्रदेश के दो करोड़ से अधिक यूजर्स इससे प्रभावित होंगे। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जुलाई 2026 के लिए फ्यूल और पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज 3.77 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। यह निर्णय बिजली आपूर्ति और व्हीलिंग के टैरिफ से जुड़े रेगुलेशन-2021 तथा उसके संशोधित प्रावधानों के तहत लिया गया है। प्रदेश में सामान्य से कम बारिश का असर बिजली उत्पादन पर भी पडऩे लगा है। जलाशयों में पानी की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय कई जगह 8 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। जबलपुर और आसपास के जिलों के गांवों में भी रुक-रुककर बिजली गुल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।27 जुलाई 2025 को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 10024 मेगावाट थी जो 27 जुलाई 2026 को बढ़कर 13757 मेगावाट पहुंच गई। यानी एक साल में बिजली की मांग करीब 37 प्रतिशत बढ़ गई है।
जबलपुर। एमपी में एक बार फिर विद्युत उपभोक्ताओं को बिलों में वृद्धि का झटका लगेगा, बिजली कंपनियों ने फ्यूल कास्ट एंड पावर पर्चस एडजस्टमेंट का हवाला देते हुए दाम बढ़ा दिए है। ऐसे में अब प्रदेश के उपभोक्ताओं के बीच बिजली का खर्च और बढ़ जाएगा।
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