जबलपुर। सिहोरा कृषि उपज मंडी के उड़नदस्ता दल ने नियमों को ताक पर रखकर परिवहन किए जा रहे गेहूं के एक बड़े जखीरे को जब्त किया है। सिहोरा से बेंगलुरु ले जाया जा रहा 251.20 क्विंटल गेहूं बिना वैध अनुज्ञा पत्र के पकड़ा गया। इस कार्रवाई को अनुविभागीय अधिकारी एवं भारसाधक अधिकारी ज्योति परस्ते और मंडी सचिव सविता धुर्वे के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। निरीक्षण दल में शामिल शिवलाल कुलेश, नरेन्द्र गर्ग और प्रमोद पटेल ने वाहन क्रमांक KA-43-6856 की जांच की, जिसमें मेसर्स नमो ट्रेडिंग कंपनी गोसलपुर का अवैध गेहूं पाया गया। मध्य प्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(6) के तहत इस पूरे मामले में 53,042 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मंडी प्रशासन की इस सख्ती से अवैध परिवहन करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
बिना परमिट बेंगलुरु जा रहा था अनाज
जांच के दौरान टीम ने जब वाहन चालक से कागजात मांगे तो वह कोई भी वैध अनुज्ञा पत्र पेश नहीं कर सका। गोसलपुर स्थित मेसर्स नमो ट्रेडिंग कंपनी द्वारा यह गेहूं बेंगलुरु भेजा जा रहा था। मंडी के नियमों के अनुसार किसी भी कृषि उपज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए उचित परमिट होना अनिवार्य है, जिसका यहां उल्लंघन किया गया। पकड़े गए गेहूं की मात्रा 251.20 क्विंटल थी, जिसकी कीमत बाजार के अनुसार काफी अधिक है। मंडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार मंडी शुल्क और निराश्रित शुल्क का भुगतान न करना सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के बराबर है। इसी आधार पर वाहन पर 53,042 रुपए का कुल जुर्माना राशि तय की गई, जिसमें समझौता शुल्क भी शामिल है।
अवैध परिवहन रोकने के लिए सख्त निगरानी
सिहोरा मंडी समिति ने कृषि उपज के अवैध परिवहन पर लगाम लगाने के लिए अब अपने उड़नदस्ता दल को और अधिक सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में बिना परमिट के गेहूं या अन्य कृषि उपज का परिवहन किया गया, तो वाहन राजसात करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को मंडी अधिनियम का पालन करने के लिए प्रेरित करना और राजस्व चोरी रोकना है। क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों के लिए यह एक संकेत है कि नियमों के दायरे में रहकर ही व्यापार करें। विभाग की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगे भी सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर औचक निरीक्षण का सिलसिला जारी रहेगा ताकि मंडी शुल्क की चोरी न हो सके।
