जबलपुर। शहर के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड और ठक्कर ग्राम वार्ड में महज 15 मिनट की बारिश ने नगर निगम के विकास कार्यों की पोल खोल दी है। इन वार्डों की सड़कों पर नालों का गंदा पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि समय पर नालों की सफाई नहीं होने से यह विकट स्थिति बनी है। लोगों का कहना है कि लाखों करोड़ों के विकास और स्वच्छता के दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं। पहली ही बारिश में सड़कों के तालाब बन जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नालों की सफाई के दावों की सच्चाई सामने
पब्लिक ने मांग की है कि दोनों वार्डों में हुए नाला सफाई कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई का काम धरातल पर होने के बजाय केवल फोटो और कागजों तक सीमित रह गया है। जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में आम नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े। सड़कों पर भरा गंदा पानी स्वच्छता अभियान की विफलता को दर्शा रहा है। प्रशासन को अब शहर की जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए स्थाई ठोस योजना बनाने की अत्यंत आवश्यकता है।
