जबलपुर। जबलपुर में 5 करोड़ की लागत से तैयार अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब अब जल्द ही शुरू होने वाली है। लंबे इंतजार के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की इस प्रयोगशाला के लिए अच्छी खबर आई है। एनएबीएल की टीम अगस्त के दूसरे सप्ताह में लगभग 8 या 9 अगस्त को जबलपुर पहुंचकर निरीक्षण करेगी। मान्यता मिलने का रास्ता साफ होते ही लैब में जांच प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वर्तमान में जांच के लिए नमूनों को भोपाल भेजा जाता है जिससे काफी समय बर्बाद होता है। अब स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से महाकौशल क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। लैब के लिए आवश्यक दस्तावेजों और उपकरणों के कैलिब्रेशन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विभाग इसे जल्द शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
एनएबीएल टीम करेगी लैब के मानकों का परीक्षण
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की 5 करोड़ रुपए की लागत वाली यह लैब अब तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है। विभाग के जानकारों का कहना है कि विशेषज्ञों की उपलब्धता और मशीनों के कैलिब्रेशन का काम अंतिम दौर में है। अगस्त महीने में होने वाले निरीक्षण के दौरान एनएबीएल के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करेंगे कि लैब सभी राष्ट्रीय मानकों को पूरा करती है या नहीं। यदि यह निरीक्षण सफल रहता है तो जबलपुर को मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला मिल जाएगी। इसके बाद जिले और पूरे महाकौशल क्षेत्र के खाद्य पदार्थों की जांच यहीं संभव हो सकेगी। अभी नमूनों को जांच के लिए भोपाल भेजने की मजबूरी है, जिसमें न केवल समय ज्यादा लगता है बल्कि रिपोर्ट आने में भी देरी होती है। स्थानीय स्तर पर सुविधा शुरू होने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी और जांच की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी।
खाद्य उत्पादों की जांच हो सकेगी पुख्ता
आने वाले समय में जब लैब को पूर्ण मान्यता मिल जाएगी तो यहां आधुनिक मशीनों के जरिए खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की सटीक जांच होगी। विभाग ने निरीक्षण के लिए सभी जरूरी तकनीकी मापदंडों को दुरुस्त कर लिया है। लैब के शुरू होने से न केवल आम लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री मिलने का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि विभाग की कार्यक्षमता में भी गुणात्मक सुधार आएगा। 4 साल के लंबे इंतजार के बाद अब वह समय आ गया है जब लैब पूरी सक्रियता के साथ काम करना शुरू करेगी। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ा कदम साबित होगा। निरीक्षण के दौरान विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे ताकि किसी भी तरह की कमी न रहे और लैब को एनएबीएल से शीघ्र मान्यता प्राप्त हो सके।
