जबलपुर. एमपी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल राजाबाबू सिंह के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर सुंदर सिंह कनेश के मार्गदर्शन में जबलपुर जीआरपी द्वारा आपरेशन हमदर्द संचालित किया जा रहा है. 1 से 31 जुलाई तक चल रहे इस विशेष अभियान में रविवार 19 जुलाई को 1े9वें दिन लगभग 24 लोगों का डिजिटल डोजर बनाया गया. इसी क्रम में झारखंड का मंदबुद्धि युवक मिला, जिससे पूछताछ कर उनके परिजनों को सूचित कर उनके सुपुर्द किया गया.
इस अभियान का उद्देश्य रेलवे क्षेत्र में लंबे समय से रह रहे निराश्रित, परित्यक्त व्यक्तियों, भिक्षावृत्ति में संलिप्त लोगों तथा बेवजह घूमने वाले/अनाथ बच्चों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना एवं आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्रवाई एवं पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में आज 19 जुलाई 2026 को अभियान के उन्नीसवें दिन जीआरपी इकाई जबलिपुर के थाना/चौकी क्षेत्राधिकार के रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, मुसाफिरखाना एवं आसपास के रेलवे क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। अभयान के दौरान 12 पुरुष, 09 महलिा एवं 03 बालक कुल 24 व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की गई तथा उनका डिजिटल डोजर तैयार किया या। पूछताछ के दौरान संबंधित व्यक्तियों की पहचान, निवास, पारिवारिक स्थिति एवं अन्य आवश्यक जानकारी संकलित की गई। जिन मामलों में आवश्यकता प्रतीत हुई, उनमें आवश्यक कार्यवाही की गई।
झारखंड के मंदबुद्धि युवक को परिवार से मिलवाया
इसी क्रम में जीआरपी थाना जबलपुर द्वारा रेलवे स्टेशन जबलपुर परिसर में एक मंदबुद्धि युवक अकेला एवं असहाय अवस्था में भटकता मिला, जिसने अपना नाम अजमेर अंसारी, पिता इम्तियाज अंसारी, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम दुलदुलवा, थाना मरालि, जिला गढ़वा (झारखंड) बताया। निर्देशानुसार युवक को सुरक्षित रूप से थाना जीआरपी जबलपुर लाया गया। उसके साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करते हुए पूछताछ की गई, जिससे उसके परिजनों का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ। तत्पश्चात तत्काल परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें जबलपुर थाना आने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही युवक के पिता इम्तियाज अंसारी जबलपुर पहुंचे। अपने बिछड़े बेटे को सकुशल सामने देखकर उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने जीआरपी जबलपुर का हृदय से आभार व्यक्त किया।
