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रेलवे के जीएम से गुहार, खोलो प्लेटफार्म 1 जाने वाले बंद दो द्वार, यात्रियों को घूमकर आना-जाना पड़ रहा

जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय के जबलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 की ओर आसानी से पहुंचना पिछले काफी समय से मुश्किल भरा हो चुका है. रेल प्रशासन द्वारा यहां पहुंचने के दो मार्गों पर स्थायी बैरीकेडिंग लगाकर रास्ता जाम कर दिया है. जिससे लोगों को काफी लंबा चक्कर लगाकर स्टेशन आना-जाना करना पड़ रहा है। पमरे के जीएम से इस मार्ग को खोलकर यात्रियों को सुविधा प्रदान करने की मांग उठने लगी है.

विदित हो कि स्टेशन प्लेटफॉर्म क्रंमाक 1 पर पहुंचने के लिए पहले चार रास्ते थे जो कि दशकों से चालू थ, किंतु अब स्टेशन पहुंचने के लिए काफ़ी लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता ह,ै जिससे यात्रियों को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर पहुंचने के लिए ये एक शॉर्टकट मार्ग था, इस अच्छी सुविधा को रेल प्रशासन ने यात्रियों से वंचित कर दिया है.

स्टेशन पहुंचने के जितने अधिक मार्ग, उतना क्राउंड नियंत्रण अच्छा

रेलवे की योजना है कि स्टेशन पहुंच मार्ग काफी सुविधाजनक, आसान हो, ताकि भीड़भाड़ के समय क्राउड मैनेजमेंट सही ढंग से हो सके, इसके लिए स्टेशन जाने वाले अधिकतम रास्ते तैयार किये जाते हैं, किंतु जबलपुर में ठीक इसके उलट हो रहा है. यहां पर चार मार्ग को घटाकर दो कर दिया गया है। एक मार्ग आरआरआई बिल्डिंग के सामने था और दूसरा रेल डाक सेवा (आरएमएस) के सामने से. आरआरआई के सामने के मार्ग का उपयोग पुल नंबर 1 की ओर से आने व जाने व आरएमएस के सामने से सदर, बिलहरी आदि के क्षेत्र के यात्री जमकर उपयोग करते थे, किंतु इस मार्ग को बंद कर दिया गया है.  अब यात्रियों को प्लेटफार्म आने के लिए पूरा लगभग पौन किलोमीटर का घेरा लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे समय के साथ-साथ पेट्रोल का भी खर्च बढ़ जाता है.

नागरिकों की जीएम से बंद रास्ते खोलने की मांग

परेशान यात्रियों द्वारा पमरे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह से मांग की है कि वे यात्रियों की इस गंभीर समस्या का निदान बंद दोनों मार्ग खोलकर करें और राहत प्रदान करें, साथ ही भविष्य में यह भी सुनिश्चित किया जाये कि कोई अधिकारी रास्ता स्थायी रूप से बंद करने का प्रयास नहीं करें, इसका भी प्रबंध किया जाना चाहिए.

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