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तनिष्क शुक्ला बने इंडियन आइडल 16 के फर्स्ट रनर-अप, बढ़ाया जबलपुर व एमपी का मान

जबलपुर. संस्कारधानी जबलपुर के होनहार युवा गायक तनिष्क शुक्ला ने इंडियन आइडल सीजन 16 में शानदार सफर तय करते हुए फर्स्ट रनर-अप का खिताब अपने नाम किया। संघर्ष, मेहनत और संगीत के प्रति उनके जुनून ने पूरे मध्य प्रदेश को गर्व करने का मौका दिया। तनिष्क शुक्ला ने देश के सबसे बड़े सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन 16 में अपनी दमदार आवाज से करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया। ओडिशा की रहने वाली ज्योतिर्मयी नायक ने शानदार जीत दर्ज करते हुए इंडियन आइडल 16 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली. 

पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए तनिष्क शुक्ला ने फर्स्ट रनर-अप का खिताब अपने नाम किया। जैसे ही नतीजों का ऐलान हुआ, जबलपुर सहित पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई।

इस सफलता के पीछे सिर्फ अच्छी गायकी नहीं, बल्कि कई सालों की मेहनत, संघर्ष और कभी हार न मानने का जज्बा छिपा है। एक समय ऐसा भी था जब तनिष्क एंजायटी जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। लेकिन उन्होंने संगीत को अपनी ताकत बनाया और आज देशभर के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि अगर सपना बड़ा हो और मेहनत सच्ची हो, तो मंजिल जरूर मिलती है।

इंडियन आइडल 16 में तनिष्क शुक्ला का शानदार सफर

इंडियन आइडल सीजन 16 में शुरुआत से ही तनिष्क शुक्ला अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे। हर एपिसोड में उन्होंने अलग-अलग तरह के गाने गाकर अपनी गायकी का हुनर दिखाया। कभी रोमांटिक गीत, कभी सूफी संगीत और कभी पुराने सदाबहार गानों को उन्होंने इतने खूबसूरत अंदाज में पेश किया कि दर्शकों के साथ-साथ जज भी उनकी तारीफ करते नहीं थके।

पूरे सीजन में उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी, सुरों पर मजबूत पकड़ और भावनाओं से भरी प्रस्तुति रही। यही वजह रही कि उन्हें लगातार दर्शकों का प्यार और वोट मिलते रहे। फाइनल तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन तनिष्क ने हर चुनौती का सामना पूरे आत्मविश्वास के साथ किया। इंडियन आइडल जैसे बड़े मंच पर फर्स्ट रनर-अप बनना किसी भी युवा कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस सफलता ने तनिष्क शुक्ला को देशभर में नई पहचान दिलाई है।

चेस से शुरू हुआ सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि बचपन में तनिष्क शुक्ला को शतरंज यानी चेस खेलने का बहुत शौक था। उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा भी लिया, लेकिन कुछ निजी कारणों से उन्हें चेस छोडऩा पड़ा। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर देश के सबसे बड़े सिंगिंग शो में अपनी पहचान बनाएगा। साल 2021 में उन्होंने जबलपुर के प्रसिद्ध संगीत गुरु प्रकाश वेरुलकर से विधिवत संगीत सीखना शुरू किया। गुरु के मार्गदर्शन और लगातार मेहनत ने उनकी गायकी को नई ऊंचाई दी। रोजाना कई घंटों तक रियाज करना उनकी दिनचर्या बन गया। इसी मेहनत का नतीजा है कि कुछ ही वर्षों में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना ली।

बादशाह ने दिया तनिष्क फाइटर का खास सम्मान

इंडियन आइडल के मंच पर कई ऐसे पल आए जब जज तनिष्क की तारीफ करते नजर आए। रैपर और जज बादशाह उनकी मेहनत और संघर्ष से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तनिष्क को खास तौर पर तनिष्क फाइटर लिखा हुआ माइक भेंट किया।

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