जबलपुर. रेलवे के विकास एवं यात्री सुविधाओं पर विचार-विमर्श करने के लिए पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार, 25 जून को क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) की 23 वीं बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में जेडआरयूसीसी के 28 सदस्यगणों एवं माननीय सांसद के 04 प्रतिनिधि सहित कुल 32 लोगों ने भाग लिया। इन सदस्यों में जबलपुर से आशीष कुमार शुक्ला एवं अमित बचवानी, कटनी से केशव मोहनानी, भोपाल से कृष्ण मोहन सोनी, निरंजन वाधवानी, मुकेश अवस्थी एवं नितेश लाल, सागर से महेश कुमार साहू, झालावाड़ किशोर कुमार, रीवा से श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, प्रकाश चंद शिवनानी एवं संजीव कुमार शुक्ला, सतना से अशोक कुमार गुप्ता, वीरेंद्र द्विवेदी, विवेक अग्रवाल एवं रविन्द्र सिंह सेठी, मथुरा से योगेन्द्र चतुर्वेदी, इटारसी से योगेन्द्र सिंह राजपूत एवं राजा तिवारी, इंदौर से श्रीमती सूरज केरो, पिपरिया से श्रीमती ललिता पूर्विया, मझगवां से अवध बिहारी मिश्रा, हरदा से सुयोग सोनी, कोटा से धीरज गुप्ता, बीना से संतोष सिंह ठाकुर, चित्रकूट से हरिगोपाल मिश्रा, दिग्दर्शिका पुनर्वास अनुसंधान संस्थान से श्रीमती ऊषा उपाध्याय, राजस्थान से नामित सदस्य आशीष मेहता और माननीय सांसदगण के प्रतिनिधिगण भी शामिल रहे। सभी सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव जैसे नई रेलगाडिय़ाँ चलाने, रेलगाडिय़ों के फेरे बढ़ाने, रेलवे स्टेशनों पर ठहराव देने सहित यात्रियों सुविधाओं में विकास एवं उन्नयन के बारे में रेल प्रशासन को महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
रेलवे की ओर से अपर महाप्रबंधक प्रमोद कुमार खत्री, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक नीरज कुमार, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक राजेश कुमार मंडल, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक अरविन्द कुमार रजक, प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर श्री मुकेश, प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार यादव, प्रमुख मुख्य इजीनियर श्री आशुतोष, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर एकनाथ मोहकर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एम एस हाशमी, सचिव महाप्रबन्धक जे.पी. सिंह एवं अन्य प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जी आर.पी. से आई.पी.एस. एस.पी. (रेल) सुंदर सिंह कनेश भी इस बैठक में उपस्थित रहे. इस अवसर पर महाप्रबंधक ने पश्चिम मध्य रेल की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुये कहा कि यह वित्तीय वर्ष पश्चिम मध्य रेलवे के लिए उपलब्धियों भरा रहा है। बैठक में उप महाप्रबन्धक श्री मनीष कुमार पटेल ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन देकर सदस्यों को जानकारी प्रदान की। सभी सदस्यों ने पश्चिम मध्य रेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के भारतीय रेलवे को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करने के विजन के अनुरूप पश्चिम मध्य रेल निरंतर आधारभूत संरचना, सुरक्षा, यात्री सुविधाओं एवं परिचालन दक्षता में सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि पश्चिम मध्य रेल को वर्ष 2025 में ओवरआल दक्षता हेतु गोविंद वल्लभ पंत शील्ड तथा विक्रय प्रबंधन शील्ड से सम्मानित किया गया है। साथ ही अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेल के 06 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया गया है, 06 स्टेशनों को लोकार्पण हेतु तैयार हैं तथा अन्य स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, जनऔषधि केंद्र एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के अंतर्गत स्टॉल संचालित किए जा रहे हैं तथा पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में भी पश्चिम मध्य रेल को अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। महाप्रबंधक ने विश्वास व्यक्त किया कि समिति के सदस्यों के सुझावों एवं सहयोग से पश्चिम मध्य रेल यात्रियों को और बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करती रहेगी।
महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्यों द्वारा दिये गये सुझावों को गंभीरता से सुना और इन पर उचित कार्यवाई करने का आश्वासन दिया। अन्त में क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सचिव एवं उपमहाप्रबंधक पश्चिम मध्य रेल मनीष कुमार पटेल ने सबका आभार प्रकट किया।

