सिहोरा की प्रियदर्शनी कॉलोनी निवासी मंगल चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि 31 मई की रात वह बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार डंपर उसके पास से गुजरा, जिससे वह दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। मंगल के अनुसार उसने आगे जाकर डंपर चालक को रोका, जिसके बाद वाहन में सवार तीन-चार लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी। हमले में वह घायल हो गया और उसके शरीर से खून बहने लगा। मंगल का कहना है कि वह अपनी पत्नी के साथ घायल अवस्था में सिहोरा थाने पहुंचा और मारपीट करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग की। आरोप है कि वहां मौजूद पुलिस स्टाफ ने उसकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उससे अभद्र व्यवहार किया और थाने से भगा दिया। मंगल की पत्नी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस उनकी शिकायत के अनुसार रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही थी और कुछ लोगों को बचाने का प्रयास कर रही थी। महिला का आरोप है कि थाने में पदस्थ एसआई पांडे ने सही शिकायत लिखने के बजाय मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार की। विरोध करने पर उनकी कलाई मरोड़ दी गई और उन्हें अपमानित करते हुए थाने से बाहर कर दिया गया।
फरियादी पर पहले से 12 आपराधिक मामले-
वहीं सिहोरा पुलिस का कहना है कि मंगल चौधरी के खिलाफ डकैती, हत्या के आरोपियों को संरक्षण देने सहित करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मंगल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई थी, लेकिन वह कई अज्ञात लोगों के नाम रिपोर्ट में जोडऩे की जिद कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह थाने में मोबाइल से वीडियो बनाकर शासकीय कार्य में भी बाधा उत्पन्न कर रहा था।