यह घटना तब हुई जब छात्राएं डॉक्टर को दिखाने के लिए नवीन ओपीडी में इंतजार कर रही थीं। अस्पताल के नियमों के अनुसार, दोपहर 2 बजे के बाद डॉक्टर ब्रेक पर चले जाते हैं और ओपीडी बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसी दौरान, अस्पताल स्टाफ ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि भवन के अंदर कोई मरीज या परिजन मौजूद है या नहीं। लापरवाहीपूर्वक सभी गेटों पर ताला लगा दिया गया और कर्मचारी वहां से चले गए। ओपीडी के अंदर फंसी छात्राओं ने बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई, लेकिन काफी देर तक उनकी बात नहीं सुनी गई। करीब आधे घंटे तक परेशान रहने के बाद छात्राओं ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। इसके बाद अस्पताल के कुछ कर्मचारियों का ध्यान उनकी ओर गया। मौके पर पहुंचने पर स्थिति का पता चला और ताला खोला गया, जिसके बाद छात्राएं बाहर निकल सकीं।
सतना। सतना के सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल में लापरवाही का एक मामला सामने आया है। यहां नवीन ओपीडी भवन में इलाज के लिए आईं दो छात्राओं को कर्मचारियों ने अंदर ही बंद कर दिया। कर्मचारियों ने बिना जांच-पड़ताल किए ओपीडी के गेटों पर ताला लगा दिया, जिससे छात्राएं करीब आधे घंटे तक भवन के अंदर फंसी रहीं।
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