जबलपुर। शहपुरा थाना क्षेत्र में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कंपनी में संगम मैनेजर के पद पर कार्यरत दीपक गौड़ निवासी जबेरा दमोह और मोतीलाल यादव निवासी देवरी सागर ने ग्राहकों से वसूली गई लोन की राशि को दफ्तर में जमा करने के बजाय खुद हड़प लिया। दोनों आरोपियों ने मिलकर कुल 50 महिला ग्राहकों से 7 लाख 34 हजार 514 रुपए की किस्तें वसूल कीं और इसके बाद बिना किसी सूचना के नौकरी छोड़कर फरार हो गए। कंपनी प्रबंधन की लिखित शिकायत पर शहपुरा थाना पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
ग्राहकों की जागरूकता से हुआ गबन का पर्दाफाश
यह पूरा फर्जीवाड़ा तब उजागर हुआ जब कंपनी ने लोन की किस्तें समय पर नहीं मिलने के कारण संबंधित महिला ग्राहकों को कानूनी नोटिस जारी किए। नोटिस मिलते ही महिलाएं हैरान रह गईं और उन्होंने तुरंत कंपनी दफ्तर पहुंचकर बताया कि वे अपनी सारी किस्तें बहुत पहले ही संबंधित मैनेजरों को नकद दे चुकी हैं। महिलाओं के पास पैसे जमा करने के पुख्ता दावे थे, जिससे कंपनी प्रबंधन के होश उड़ गए।
आंतरिक जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने आंतरिक स्तर पर इसकी विस्तृत जांच करवाई। जांच में पाया गया कि दीपक गौड़ ने 1 मार्च 2023 से मार्च 2024 के बीच 25 महिलाओं से कुल 4 लाख 71 हजार 514 रुपए वसूले थे। इसी तरह मोतीलाल यादव ने भी 25 महिलाओं से 2 लाख 62 हजार 946 रुपए एकत्रित किए थे। इस तरह दोनों ने मिलकर 7 लाख 34 हजार 514 रुपए का गबन किया। इसके बाद पुलिस में शिकायत की गई।
