
शिवपुरी. मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में संजीवनी क्लीनिक में प्रैक्टिस कर रहे दो चिकित्सक संदिग्ध रूप से सामने आए हैं. नियुक्ति प्रक्रिया पर दोबारा जांच के जारी हुए आदेश के बाद शिवपुरी के एक चिकित्सक ने नौकरी छोड़ दी, वहीं दूसरा चिकित्सक छुट्टी लेकर गायब हो गया है. अब स्वास्थ्य विभाग इन दोनों चिकित्सकों की पड़ताल कर मामले की तह तक पहुंचाने की कोशिश में जुटा है. दस्तावेजों की दोबारा जांच करने के आदेश के बाद संजीवनी क्लीनिक में काम करने वाले डॉक्टरों में हड़कंप की स्थिति है.
एक डॉक्टर ने दिया इस्तीफा, दूसरा गायब
शिवपुरी में दो फर्जी डॉक्टर फर्जी दस्तावेजों के दम पर चिकित्सक बनकर संजीवनी क्लीनिक पर मरीजों को उपचार देते रहे हैं. जानकारी के मुताबिक डॉ. आकाश चंदेलकर संजीवनी क्लीनिक मनियर में पदस्थ थे वहीं डॉ. मोहर सिंह संजीवनी क्लीनिक हवाई पट्टी के पास अपनी सेवाएं दे रहे थे. खास बात यह है कि एक साल तक स्वास्थ्य महकमा भी नही जान पाया कि ये डॉक्टर तो मुन्ना भाई हैं. हालांकि जब पुन: भर्ती और डॉक्टरों के दस्तावेजों की जांच के आदेश आए तो ये दोनों फर्जी डॉक्टर संजीवनी क्लीनिक छोड़ कर फरार हो गए हैं. अब सवालों के घेरे में वह कमेटी मेम्बर भी हैं जिन्होंने ऐसे फर्जी डॉक्टरों की नियुक्ति आंखें मूंदकर कर दी. जिले का स्वास्थ्य महकमा इस पूरे मामले की पड़ताल करते हुए अब मामले की पूरी सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है.
संजीवनी क्लीनिक में कार्यरत हैं पांच डॉक्टर
शिवपुरी में संजीवनी क्लीनिक में काम करने वाले कुल पांच डॉक्टर हैं. जिनमें से दो डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे थे. दोबारा दस्तावेज सत्यापन के आदेश के बाद दोनों फरार हैं. इस मामले में सीएमएचओ शिवपुरी डॉक्टर संजय रिशेश्वर का कहना है कि सोमवार तक इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी गई है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.