जबलपुर। महाराणा प्रताप वार्ड क्रमांक 16 के अंतर्गत आने वाली भूकंप कॉलोनी में विकास कार्य के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा नाली निर्माण कार्य जब दोबारा शुरू किया गया, तो खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन से कई जगहों पर मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय निवासी अभिषेक सिंह ठाकुर के अनुसार यह पाइपलाइन वर्ष 2000 में कॉलोनी की स्थापना के समय डाली गई थी। लगभग 26 वर्ष पुरानी होने की वजह से यह पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और अब नाली के गंदे पानी में डूब गई है। इससे कॉलोनी के सैकड़ों घरों में गंदे और दूषित पानी की सप्लाई होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।
गहरा रहा है जल संकट,नागरिक चिंतित
वर्तमान में चल रहे खुदाई और निर्माण कार्य के कारण इस जर्जर पाइपलाइन के और अधिक टूटने की संभावना बनी हुई है। यदि यह लाइन पूरी तरह ध्वस्त होती है तो आने वाले समय में पूरी कॉलोनी की पेयजल आपूर्ति ठप हो सकती है। इसके अलावा नाली के भीतर पाइपलाइन होने से गंदा पानी पीने के पानी में मिलकर महामारी फैला सकता है। स्थानीय लोगों का सुझाव है कि इस पुरानी और सड़ चुकी पाइपलाइन को पूरी तरह हटाकर नाली के ऊपर से या मकानों के किनारे से नया नेटवर्क बिछाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में लीकेज या गंदगी मिलने की कोई गुंजाइश न रहे।
नई लाइन न बिछने पर सरकारी धन और समय की होगी बर्बादी
कॉलोनी के सजग नागरिकों ने इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए आपस में सहमति बनाकर एक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन तैयार किया है। निवासियों का तर्क है कि यदि नाली का पक्का निर्माण पूरा होने के बाद प्रशासन जागा, तो नई पाइपलाइन डालने के लिए नवनिर्मित नाली को दोबारा तोड़ना और खोदना पड़ेगा। इससे न केवल सरकारी बजट और जनता के पैसे का नुकसान होगा बल्कि काम की अवधि बढ़ने से लोगों की परेशानियां भी दुगनी हो जाएंगी। इसलिए स्थानीय जनता ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस जर्जर लाइन को बदलने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए।
