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एमपी में लाखों परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ, मोहन कैबिनेट का फैसला

भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार 2 जून को कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कैबिनेट के अहम फैसलों की जानकारी मीडिया को दी। कश्यप ने बताया कि सरकार ने स्वामित्व योजना को भी मंजूरी दे दी है। इसे 46.80 लाख परिवारों को बड़ी सौगात मिलेगी। अब कई सालों से एक ही जगह पर रहने वाले लोगों को उनके मकान और जमीन का कानूनी अधिकार मुफ्त रजिस्ट्री के जरिए मिल जाएगा। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश देश में पहला राज्य हो गया है। मोहन कैबिनेट ने शिक्षा, सोलर ऊर्जा, कृषि, पशुपालन और जल संरक्षण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर भी मोहर लग गई है।

मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि कैबिनेट ने मंगलवार को स्वामित्व योजना को मंजूरी दी है, इससे मध्यप्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगा। मध्यप्रदेश में अब तक 46.80 लाख संपत्तियां रिकार्ड में दर्ज की गई हैं। इस योजना से खासकर गरीब और ग्रामीण परिवारों को काफी फायदा होगा। सरकार ने इसी योजना के तहत स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ करने का फैसला लिया है। इससे आम जनता को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इस योजना से राजस्व विभाग पर कीब 3800 करोड रुपए का वित्तीय बोझ आएगा। लेकिन, जनता के हित में यह सरकार का बड़ा कदम है।

यूसीसी के लिए मांगे सुझाव

मंत्री कश्यप ने बताया कि मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता के लिए सुझाव आम जनता से मांगे गए हैं। इसी के साथ मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। इसी के साथ प्रधानमंत्री के 12 वर्ष कार्यकाल का अहम स्थान है। तीन कार्यकाल लगातार रहने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। मोदीजी के कार्यकाल में कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। जो काम इतने कम समय में पीएम मोदी ने किए है, वे पिछले 75 सालों में नहीं हो सके हैं।

स्कूली बच्चों की यूनिफार्म

मोहन कैबिनेट बैठक में स्कूल शिक्षा के लिए भी अहम फैसले लिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कक्षा एक से कक्षा आठ तक के बच्चों को यूनिफॉर्म सिलवाकर देने का भी फैसला लिया गया है। इसके लिए गारमेंट इंडस्ट्री को टेंडर दिए जाएंगे। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर भी मिलेगा, रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

मिल्क कैबिटल बनेगा एमपी

मोहन कैबिनेट ने मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने पर भी जोर दिया। इसके लिए डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने और पशुपालकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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