नई दिल्ली. पर्यावरण के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने वाले रेलवे के अलग-अलग जोन अब अपनी मनमर्जी नहीं चला पाएंगे, क्योंकि रेलवे बोर्ड अब पाई-पाई का ग्रीन ऑडिट कराकर अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करने जा रहा है।
बोर्ड अब वार्षिक पर्यावरण स्थिरता रिपोर्ट तैयार कर प्रकाशित करेगा। रेलवे बोर्ड के निदेशक अजय झा ने देश के सभी रेलवे जोन, उत्पादन इकाइयों और सार्वजनिक उपक्रमों से पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। 22 जून तक रिपोर्ट और तस्वीरें बोर्ड को भेजनी होंगी।
पर्यावरण दिवस पर पिछले दिनों जमकर हुआ आयोजन
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों देश भर में रेलवे ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पूरे पखवाड़ा भर आयोजन किया। इस आयोजन पर कितनी राशि खर्च की गई है, क्या कार्य किये गये, इन सबका हिसाब रेलवे बोर्ड न मांगा है, ताकि भविष्य में पर्यावरण के नाम पर पैसों की गड़बड़ी रोकी जा सके.
