अदालत की शर्तें तोड़ने और जांच में सहयोग न करने पर जिला न्यायालय का फैसला
जबलपुर। जबलपुर की जिला अदालत ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के एक मामले में आरोपी सतीश सनपाल को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी ने जमानत के लिए तय की गई शर्तों का पालन नहीं किया और पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर भी वह उपस्थित नहीं हुआ, इसलिए उसकी अग्रिम जमानत रद्द की जाती है। अपर सत्र न्यायाधीश केके मिश्रा की अदालत में सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अनिल तिवारी ने बताया कि आरोपी सतीश सनपाल के खिलाफ लार्डगंज थाने में धारा 420, 467 और 120 बी के तहत अपराध दर्ज है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। इस मामले में कोर्ट ने पूर्व में 21 जनवरी 2026 को आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया था।इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देकर बताया कि सतीश सनपाल को 13 मार्च, 17 मार्च और 22 मार्च को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह एक बार भी नहीं आया। आरोपी ने हर बार अपनी बीमारी और दुबई में होने का बहाना बनाकर टालमटोल की। पुलिस के इन तर्कों को सही मानते हुए न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत को खारिज करने का आदेश जारी कर दिया।
