ग्रिड प्रबंधन और बिजली उत्पादन में बड़ी कामयाबी, श्री सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में नया एडवांस डीएसएम सिस्टम चालू
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने बिजली उत्पादन और ग्रिड मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए जबलपुर में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी ने खंडवा के दोंगलिया में स्थित श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह की सभी चालू इकाइयों में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के नए नियमों के तहत आधुनिक डेविएशन सेटलमेंट मैकेनिज्म यानी डीएसएम सिस्टम को पूरी तरह चालू कर दिया है। इस नई व्यवस्था से प्लांट अब ग्रिड की मांग के हिसाब से रियल-टाइम में बिजली उत्पादन को घटा या बढ़ा सकेगा, जिससे नेशनल ग्रिड पूरी तरह स्थिर रहेगा और बिजली की बर्बादी भी रुकेगी। इस तकनीक को लागू करने के बाद पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इसे भविष्य की जरूरतों के लिए एक बड़ा और जरूरी कदम बताया है।
ग्रिड संतुलन और बिजली की लाइव मॉनिटरिंग
इस नए सिस्टम के चालू होने से थर्मल पावर प्लांट के कंट्रोल रूम में एक बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई गई है। इस स्क्रीन पर ग्रिड की फ्रीक्वेंसी, प्लांट की घोषित क्षमता, तय शेड्यूल और असल में हो रहे बिजली उत्पादन की लाइव जानकारी एक ही जगह पर दिखाई देती है। वहां तैनात इंजीनियर इस डेटा को देखकर तुरंत फैसले लेते हैं और ग्रिड की जरूरत के हिसाब से उत्पादन को सेट करते हैं, जिससे गड़बड़ी की आशंका खत्म हो जाती है।
बदलते दौर में नई तकनीक की जरूरत
आजकल देश में सौर और पवन ऊर्जा जैसी रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी वजह से ग्रिड को संभालना काफी मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे समय में यह एडवांस सिस्टम बिजलीघर को तय शेड्यूल के हिसाब से काम करने में मदद करता है। इससे प्लांट की कार्यक्षमता बढ़ती है, ग्रिड पूरी तरह सुरक्षित रहता है और नियमों का उल्लंघन होने पर लगने वाले भारी जुर्माने से भी बचाव होता है।
घटते-बढ़ते उत्पादन और मांग का सटीक तालमेल
बिजली सेक्टर में केवल उत्पादन करना ही काफी नहीं होता, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड के साथ तालमेल बिठाना सबसे जरूरी काम है। यह सिस्टम तय बिजली और असल में पैदा की जा रही बिजली के बीच के अंतर को तुरंत पकड़ता है और उसे ठीक करता है। इस स्मार्ट जनरेशन मैनेजमेंट की मदद से सीमित संसाधनों का पूरा उपयोग हो पाता है और बिजली आपूर्ति बिना किसी रुकावट के लगातार बनी रहती है।
