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साहित्यिक सृजन से समाज को नई दिशा दे रहा वर्तिका का काव्योत्सव



साहित्यकारों की रचनाओं ने दर्शकों का मन मोहा,​नवोदित प्रतिभाओं को मंच देना संस्था का लक्ष्य

जबलपुर। वर्तिका संस्था ने नूतन मराठी स्कूल में एक शानदार मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. तनूजा चौधरी और सुशील जैन के काव्य पटल का लोकार्पण हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी शरद अग्रवाल और कार्यक्रम की अध्यक्षता जानकी रमन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चयनित डॉ. कौशल दुबे, डॉ. शिवकुमार व्यास और अभिमन्यु जैन को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजेश पाठक प्रवीण ने वर्तिका की 39 वर्षों की साहित्यिक यात्रा की सराहना की। संस्था के विजय नेमा अनुज, संतोष नेमा, राजेंद्र मिश्रा, एम. एल. बहोरिया, प्रतिमा अखिलेश, ज्योति मिश्रा और अखिलेश खरे ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नैतिक मूल्यों के संरक्षण में साहित्य की अहम भूमिका

​डॉ. तनूजा चौधरी ने कहा कि साहित्य समाज को सही मार्ग दिखाता है, जबकि सुशील जैन ने इसे बिखरते परिवारों को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम बताया। मुख्य अतिथि शरद अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में नैतिक मूल्यों के ह्रास को रोकने के लिए साहित्यिक चेतना अनिवार्य है। डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि समाज की विसंगतियों को मिटाकर स्वस्थ वैचारिक धरातल प्रदान करने का कार्य केवल साहित्य ही कर सकता है। वक्ता राजेश पाठक ने कहा कि साहित्यकार दृष्टा होते हैं। विजय नेमा अनुज ने बताया कि संस्था का लक्ष्य नवोदित प्रतिभाओं को दिशा देना है। अध्यक्ष संतोष नेमा ने राष्ट्रप्रेम, पर्यावरण और स्वदेशी जैसे विषयों पर साहित्यकारों के योगदान को सराहनीय बताया।

काव्य धारा में बहे श्रोता और सम्मानित हुए साहित्यकार

​कार्यक्रम का शुभारंभ अर्चना गोस्वामी की सरस्वती वंदना से हुआ और संचालन अखिलेश खरे अखिल ने किया। काव्य पाठ करने वालों में हीराधर बड़गैयां, विवेक गुप्ता, विजय विश्वकर्मा, प्रेम पालीवाल, शशिकला सेन, प्रभा बच्चन, प्रीति नामदेव, जयप्रकाश श्रीवास्तव, उर्मिला श्रीवास्तव, विजय सिन्हा, कुंजीलाल चक्रवर्ती, लखनलाल रजक, सुशील श्रीवास्तव, विजय बागरी, दीनदयाल तिवारी, अनुराधा गर्ग, प्रकाश ठाकुर, मनोज मित्र, विवेक नेमा, वंदना सोनी, निरंजन द्विवेदी के साथ नवोदित कवि खुशी सेन एवं प्रिंसी पाटकर शामिल रहे। आभार प्रदर्शन ज्योति मिश्रा ने किया। इस दौरान प्रतुल श्रीवास्तव, विजय जायसवाल, शेखर शर्मा, सुरेश विचित्र, दिवाकर शर्मा, रमाकांत गौतम, रविंद्र राघव, यू. एस. दुबे, द्वारका गुप्त गुप्तेश्वर, अनंत राम चौबे, आर. के. पासी और महेश स्थापक सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।


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