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महिला प्रधान आरक्षक ने आग लगाकर की आत्महत्या, पति की जगह मिली थी अनुकम्पा नियुक्ति

 

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छिंदवाड़ा। एमपी के छिंदवाड़ा स्थित प्रियदर्शनी कॉलोनी में आज सुबह पुलिस लाइन में पदस्थ एक महिला प्रधान आरक्षक (हेड कॉन्स्टेबल) ने आत्महत्या कर ली। मृतका दीपा नेगी ने अपने सूने घर में जाकर खुद को आग के हवाले कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी अजय राणा और देहात थाना निरीक्षक जीएस राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतका डिप्रेशन की शिकार थीं और उनका नागपुर में इलाज चल रहा था।

                             पुलिस को पूछताछ में परिजनों ने बताया कि दीपा नेगी पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से जूझ रही थीं। आज सुबह वे अपनी मां के घर से यह कहकर निकली थीं कि गाड़ी में पेट्रोल डलवाने जा रही हैं। हालांकि, वह वहां से करीब 500 मीटर दूर स्थित अपने खुद के सूने घर पहुंच गईं और स्वयं को आग लगा ली। सूने घर के अंदर से अचानक धुआं उठता देख आसपास के रहवासियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मृतका की मां और उनकी 16 वर्षीय बेटी को दी, जो कक्षा दसवीं की छात्रा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से हल्का लॉक था। उसे धक्का देकर खोला गया, तो अंदर महिला प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में जमीन पर मृत पड़ी थीं।

पति के निधन के बाद मिली थी अनुकंपा नियुक्ति-

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका दीपा नेगी को उनके पति के निधन के बाद पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। शुरुआती जांच में महिला के लंबे समय से डिप्रेशन में होने और नागपुर से इलाज चलने की बात सामने आई है।  घटनास्थल की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल (स्नस्रु) टीम को मौके पर बुलाया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सभी संभावित पहलुओं पर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।


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