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सरकारी राशन दुकान से बंटा सड़ा अनाज, बदबूदार खाद्यान्न देखकर भड़के उपभोक्ता

 


जबलपुर। महाराजपुर करौंदा नाला स्थित सेवा सहकारी समिति खैरी महाराजपुर की राशन दुकान से बांटे गए खाद्यान्न पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां के ग्रामीण उपभोक्ताओं को वितरित किए गए गेहूं में अत्यधिक घुन लगा हुआ है और चावल पूरी तरह फफूंदयुक्त है। राशन दुकान से मिले इस बेहद घटिया, सड़े-गले और बदबूदार अनाज के कारण स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। महिला हितग्राहियों सहित अनेक उपभोक्ताओं ने खराब गुणवत्ता के चलते इस सरकारी राशन का उपयोग करने से साफ मना कर दिया है। प्रभावित ग्रामीणों ने इस पूरी अव्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटिया खाद्यान्न वितरण के लिए जिम्मेदार दोषियों व संबंधित एजेंसियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

सड़े अनाज के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश

सरकारी राशन वितरण व्यवस्था की यह घटना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को दर्शाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि चावल में सुंडी और इल्लियां रेंग रही हैं, जबकि गेहूं घुन के कारण नष्ट हो चुका है। स्थिति यह है कि गेहूं को हाथ लगाते ही वह सफेद पाउडर की तरह बिखर रहा है। उपभोक्ताओं ने जब राशन डीलर से शिकायत की, तो उसने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। दुकान संचालक का दावा है कि यह खराब अनाज शासन स्तर से ही इसी हालत में प्राप्त हुआ है, इसलिए इसमें स्थानीय स्तर पर उसकी कोई गलती नहीं है। हितग्राहियों के अनुसार उन्हें 2 माह का राशन एक साथ मिला था, लेकिन वह पूरी तरह अनुपयोगी निकला।

नियमों की अनदेखी से घटिया राशन का वितरण

ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राशन दुकानों का समय पर नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता है, जिससे वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। करौंदा नाला के निवासियों ने आरोप लगाया कि राशन वितरण प्रणाली की निगरानी कमजोर हो चुकी है। इसी वजह से उपभोक्ताओं को हर महीने घटिया गुणवत्ता का अनाज मिलने की समस्या से जूझना पड़ता है। इसके अतिरिक्त पारदर्शिता के नियमों की भी अनदेखी की जा रही है। इस राशन दुकान पर पिछले कई वर्षों से अनिवार्य सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को स्टॉक की सही जानकारी नहीं मिल पाती है।

अधिकारियों ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन

गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकारी राशन ही जीवन-यापन का मुख्य सहारा होता है। ऐसे में दूषित खाद्यान्न का वितरण करना गंभीर लापरवाही है। इस मामले के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि करौंदा नाला स्थित राशन दुकान की जांच के लिए एक टीम भेजी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित ग्रामीण अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुधार नहीं होने पर वे उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराएंगे।

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