जबलपुर। शहपुरा भिटोनी स्थित कृषि उपज मंडी में शाम को अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण मंडी परिसर में खुले में और शेड के नीचे रखा किसानों का हजारों क्विंटल अनाज पानी में पूरी तरह भीग गया। सालभर की गाढ़ी कमाई डूबने से प्रभावित किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट के बीच स्थानीय व्यापारियों ने भीगा हुआ अनाज खरीदने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे विवाद की स्थिति बन गई है। किसानों का आरोप है कि उड़द और मूंग की फसलों की नीलामी, रेट फिक्सेशन और तौल होने के साथ ही उन्हें पर्ची भी मिल चुकी थी, लेकिन अब व्यापारी जिम्मेदारी से मुकर रहे हैं।
तुलाई और पर्ची के बाद व्यापारियों का इनकार
मंडी परिसर में बारिश के बाद व्यापारियों ने केवल सूखा माल खरीदने की बात कही है। किसानों का कहना है कि जब पूरी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी और माल की जिम्मेदारी नियमानुसार व्यापारियों तथा मंडी प्रशासन की बनती थी, तब उन्हें इस तरह बेसहारा छोड़ना सरासर अन्याय है। बेबस किसान अब असमंजस में हैं कि वे इस संकट की घड़ी में अपना भीगा हुआ अनाज लेकर कहां जाएं।
किसानों की चिंता और कम भाव मिलने की आशंका
दूर-दराज के गांवों से आए किसान अपनी फसलों और बोरियों को बारिश में भीगा देखकर बेहद चिंतित हैं। व्यापारियों द्वारा माल का भाव कम आंके जाने के डर से किसानों में भारी असंतोष है। इस पूरी अव्यवस्था और विवाद के दौरान मंडी प्रशासन के अधिकारी तथा कर्मचारी मौके से नदारद रहे, जिससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। किसान इस बात को लेकर परेशान हैं कि भीगे हुए माल को सुखाएं कैसे और वापस घर कैसे ले जाएं।
मंडी में नई फसलों की आवक जारी
दूसरी ओर, व्यापारियों का तर्क है कि अनाज पूरी तरह गीला और बदरंग हो चुका है। व्यापारियों के अनुसार मंडी में इन दिनों नई मूंग और उड़द की बंपर आवक हो रही है। अचानक हुई तेज बारिश से अफरा-तफरी मच गई थी। व्यापारियों का कहना है कि गीली फसलों में फंगस या कीड़े लगने का खतरा रहता है, इसलिए हवा लगने और अनाज के सूखने के बाद ही इसकी तुलाई की जाएगी और नियमानुसार भुगतान किया जाएगा।
