जबलपुर। भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खैरी गांव में अज्ञात बदमाशों ने एक निर्माणाधीन मकान को निशाना बनाते हुए वहां रखी लाखों रुपये की कीमती सामग्री पार कर दी। यह मकान धनवंतरी नगर निवासी बजरंग दल के सक्रिय कार्यकर्ता रामलाल तिवारी का है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य चल रहा है। घटना के बाद जब पीड़ित अपनी शिकायत लेकर भेड़ाघाट थाने पहुंचे, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मामला दर्ज करने से साफ मना कर दिया और उन्हें वापस भेज दिया। पुलिस के इस उपेक्षापूर्ण व्यवहार से परेशान होकर रामलाल तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा साझा करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय दिलाने का आग्रह किया है।
पुलिस से नाराज पीड़ित ने सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगाई
पीड़ित रामलाल तिवारी अपने पैतृक गांव खैरी में नया मकान बनवा रहे हैं। निर्माण स्थल की सुरक्षा को धता बताते हुए चोरों ने वहां धावा बोला और लोहे के पाइप, सरिया, भारी रॉड समेत अन्य जरूरी सामान समेटकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कीमत लाखों में आंकी जा रही है। इस बड़ी वारदात की जानकारी मिलते ही रामलाल तिवारी तुरंत भेड़ाघाट थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी बात बताई। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इस घटना को बेहद हल्के में लिया और कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है जिस पर प्राथमिकी दर्ज की जाए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करना तक उचित नहीं समझा, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने वरिष्ठ अफसरों से हस्तक्षेप की मांग की
थाने से बैरंग लौटने के बाद पीड़ित ने पूरी घटना को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इस घटना को लेकर खैरी गांव और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस चोरी जैसी वारदातों पर भी रिपोर्ट लिखने से आनाकानी करेगी, तो क्षेत्र में अपराध और ज्यादा बढ़ जाएंगे। लोगों ने जबलपुर के उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराई जाए, पीड़ित की रिपोर्ट तुरंत दर्ज की जाए और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं।
