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चेक बाउंस मामले में अदालत का सख्त फैसला आरोपी को जेल और जुर्माना



जबलपुर। चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आशीष बजाज को 6 माह की कैद की सजा सुनाई है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वंदना सिंह की अदालत ने परिवादी नरेंद्र कुमार अग्रवाल की याचिका पर यह फैसला दिया। मामले के अनुसार, कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी के आशीष बजाज और यशोदा बजाज ने परिवादी को 2,00,000 रुपये का चेक दिया था, जो बैंक से भुगतान न होने के कारण बाउंस हो गया था। इसके बाद नरेंद्र कुमार अग्रवाल ने भारतीय पराक्रम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के तहत न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें और सबूत देखने के बाद आरोपी को दोषी पाया।

​चेक पर हस्ताक्षर होने से तय हुआ अपराध

​अदालत ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के दस्तावेजों, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहनता से परीक्षण किया। यह पूरी तरह साबित हुआ कि बाउंस हुए चेक पर कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी की तरफ से आशीष बजाज के ही हस्ताक्षर थे। हस्ताक्षर प्रमाणित होने के कारण माननीय न्यायालय ने आशीष बजाज को इस वित्तीय गड़बड़ी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार माना और उसे 6 माह के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया।

​मूल रकम के साथ भारी ब्याज चुकाने का आदेश

​न्यायालय ने सिर्फ जेल की सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि परिवादी को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई का भी आदेश दिया। फैसले के तहत आशीष बजाज को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ कुल 4,10,250 रुपये का भुगतान परिवादी नरेंद्र कुमार अग्रवाल को करने को कहा गया है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि दोषी इस प्रतिकर राशि को अदा करने में विफल रहता है, तो उसे 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस पूरे विधिक मामले में परिवादी नरेंद्र कुमार अग्रवाल की ओर से अधिवक्ताओं की एक बड़ी टीम ने पैरवी की। न्यायालय के समक्ष परिवादी का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता सचिन अग्रवाल, शीर्ष अग्रवाल, राजेंद्र नामदेव, विनय और रजिंद्रनाथ बाबा ने प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। वकीलों द्वारा पेश किए गए अकाट्य दस्तावेजों और मजबूत कानूनी तर्कों के आधार पर ही अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

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