पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरक्षक सुनील सरयाम उम्र 40 वर्ष द्वारा आत्महत्या के पहले लिखो गए सुसाइड नोट के आधार पर जांच की गई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में कोविड काल के दौरान बम्हनी बंजर में तैनाती के समय आरक्षक का स्थानीय अस्पताल की दो स्टाफ नर्सों से संपर्क हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने उनकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें ले ली थीं। इन तस्वीरों के आधार पर आरक्षक को कई वर्षों से लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था। साथ ही, एक नर्स के भाई द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। लगातार मानसिक प्रताडऩा और दबाव के कारण आरक्षक सुनील ने बम्हनी बंजर थाना परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में आरक्षक सुनील सरयाम का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। घटना के बाद पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें संबंधित लोगों पर प्रताडऩा और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे।
सुसाइड नोट से सुलझी गुत्थी-
सुसाइड नोट में दर्ज तथ्यों के साथ-साथ तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों स्टाफ नर्सों और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामले की आगे की जांच जारी है।