पीडि़ता पूजा दुबे रोते बिलखते हुए कलेक्टर से कहा कि उनका परिवार पिछले चार साल से क्षेत्र के रहने वाले हनी बेन और उसके परिवार की प्रताडऩा झेल रहा है। पूजा के मुताबिक फरवरी 2022 में हनी बेन ने खुद को मिश्रा बताकर उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी से दोस्ती की और फिर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बेटी के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस के कई चक्कर लगाए, लेकिन शुरुआत में कोई मदद नहीं मिली। बाद में जानकारी मिली कि बेटी को गढ़ाकोटा (सागर) ले जाया गया है। इसके बाद एसपी से शिकायत की गई, तब पुलिस सक्रिय हुई और दो दिन बाद नाबालिग को बरामद कर परिवार को सौंपा गया। उस समय आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई और उसका जुलूस भी निकाला गया, लेकिन उसी दिन उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। परिवार का आरोप है कि इसके बाद से आरोपी और उसका परिवार लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घमापुर थाना प्रभारी को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और परिवार को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
दो दिन पहले की है मारपीट-
पीडि़ता ने बताया कि 14 जून को उनका 10 वर्षीय बेटा मोहल्ले में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान खेलते समय गलती से बल्ला हनी बेन के रिश्तेदार अविनाश बेन की बड़ी मां को लग गया। इस बात पर आरोपी पक्ष भड़क गया और परिवार के लोगों ने मिलकर पूजा के पति रामचरण दुबे पर लोहे की रॉड और बैट से हमला कर दिया। इस दौरान उनकी दिव्यांग बेटी के साथ भी मारपीट की गई। घायल रामचरण दुबे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज हुआ।
रास्ता रोककर छेड़छाड़, अभद्रता की जा रही है-
परिवार का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों के हौसले और बढ़ गए तथा उन्होंने रास्ते में रोककर छेड़छाड़ और अभद्रता करना शुरू कर दिया। पीडि़ता ने बताया कि उनकी बेटी एसपी की पाठशाला में पढ़ती है और आगे चलकर पुलिस फोर्स जॉइन करना चाहती है, लेकिन मोहल्ले का माहौल इतना खराब हो चुका है कि अब अकेले घर से निकलने में भी डर लगता है। लगातार तनाव और विवादों के कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।