बालाघाट. मध्य प्रदेश के बालाघाट झुग्गियां हटाने से नाराज बड़ी संख्या में आक्रोशित लोगों ने कलेक्टर कार्यालय के गेट पर तालाबंदी कर दी. सारे झुग्गावासी ताला लगाकर गेट के बाहर बैठ गए. गेट में ताला लगने से किसी भी अफसर और कर्मचारी की कलेक्टर दफ्तर में एंट्री नहीं हो सकी. सूचना पाकर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा. इस दौरान काफी गहमागहमी बनी रही.
बताया जाता है कि शहर में कुछ जगहों पर झुग्गीवासियों द्वारा अतिक्रमण किया गया है, जिन्हें हटाने के निर्देश के साथ ही दंडात्मक कार्रवाई के नोटिस जारी किए गए हैं. इसके बाद झुग्गीवासियों को साथ लेकर आप नेता मनोज पमनानी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और गेट पर ताला जड़ दिया. इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शनकारी झुग्गीवासियों का कहना था कि बिना पर्याप्त समय दिए झुग्गियों को हटाना उचित नहीं है.
एसडीएम और आप नेता के बीच जमकर तकरार
झुग्गीवासियो की मांग को जायज बताते हुए आप नेता मनोज पमनानी और एसडीएम गोपाल सोनी के बीच कहासुनी हो गई. जैसे ही कलेक्टर के गेट पर एसडीएम पहुंचे तथा गेट पर ताला लगाये लोगों की भीड़ देखी तो वे नाराज हो गए. एसडीएम गोपाल सोनी ने कहा ये तरीका ठीक नहीं है. अगर कोई समस्या है तो बैठकर बात करनी चाहिए. इस पर आप नेता और एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. इसके बाद पुलिस ने मामले को शांत करने आप नेता को गेट से हटाया और पूछताछ के लिए और अपने साथ ले गई.
बारिश से पहले नहीं हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बारिश से ठीक पहले अतिक्रमण हटाने से झुग्गीवासियों के सामने रहवास का संकट खड़ा हो जाएगा. इस दौरान झुग्गीवासियों ने मानवीय दृष्टिकोण का हवाला देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था और पर्याप्त समय दिए जाने का अनुरोध किया. हालांकि प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का कोई आश्वासन फिलहाल नहीं दिया गया. काफी समझाइश के बाद गेट का ताला खुलवाया गया.
