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तरंग प्रेक्षागृह में गूंजे योग के मंत्र, ऊर्जाकर्मियों ने सीखीं स्वस्थ रहने की विधाएं






जबलपुर।  एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के नेतृत्व में 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वृहद कार्यक्रम हुआ। इसमें मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी और मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के इंजीनियरों, कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष की मुख्य थीम स्वस्थ आयु के लिए योग के तहत सभी ने उम्र बढ़ने के साथ बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक लचीलापन और सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने का संकल्प लिया। तरंग प्रेक्षागृह परिसर में सुबह 7 बजे आयोजित इस आयोजन में अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन अनुराग नायक ने योग प्रशिक्षक हरलाल कछवाह को सम्मानित किया। सामूहिक अभ्यास में सभी बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

​तरंग प्रेक्षागृह में प्रशिक्षक ने सिखाए जीवन को निरोग रखने के गुर

​योग गुरु हरलाल कछवाह के निर्देशन में निर्धारित सामान्य प्रोटोकॉल के अनुसार 45 मिनट का विशेष अभ्यास सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र की शुरुआत पारंपरिक प्रार्थना से हुई, जिसके बाद शरीर को गतिशीलता देने के लिए विभिन्न चालन क्रियाएं और शिथिलीकरण के अभ्यास कराए गए। खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में शामिल ताड़ासन, वृक्षासन, अर्द्ध चक्रासन, पादहस्तासन और त्रिकोणासन का सभी ने पूरी तन्मयता से अभ्यास किया। इसके बाद बैठकर किए जाने वाले आसनों के क्रम में भद्रासन, वज्रासन-वीरासन, अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तान मंडूकासन और मरीच्यासन-वक्रासन की बारीकियों को सिखाया गया।

​प्राणायाम और ध्यान के साथ शांति पाठ से हुआ सत्र का समापन

​सत्र के अगले चरण में जमीन पर लेटकर किए जाने वाले आसनों का क्रम शुरू हुआ। उदर यानी पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगासन, शलभासन का अभ्यास हुआ, जबकि पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्द्धहलासन, पवनमुक्तासन और अंत में शरीर को विश्राम देने के लिए शवासन कराया गया। इसके बाद श्वसन तंत्र को मजबूत करने के लिए कपालभाति सहित नाड़ीशोधन, अनुलोम विलोम, शीतली और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास किया गया। पूरा माहौल ध्यान, सामूहिक संकल्प और विश्व शांति के लिए किए गए शांति पाठ के साथ संपन्न हुआ। इस सफल आयोजन के अंत में मुख्य प्रशिक्षक को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

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