पुलिस को पूछताछ में पता चला कि तीन साल पहले विनीता की शादी सुमित अहिरवार से हुई थी। शादी के एक साल बाद से ही पति सुमित व ससुर बलराम द्वारा विनीता को मोटर साइकल खरीदने के लिए एक लाख रुपए लाने की मांग की जाने लगी। विनीता ने जब मायके पक्ष क आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात कही तो उसके साथ मारपीट की जाने लगी। आए दिन हो रही मारपीट व प्रताडऩा से तंग आकर विनीता ने 14 जून को शाम 6 के लगभग दरवाजा के वेंटीलेशन पर चुनरी का फंदा डालकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद मासूम बेटा सोकर उठा तो देखा कि मां फांसी के फंदे पर झूल रही है। जिसपर वह रोते बिलखते हुए बाहर आ गया। तभी पति सुमित अहिरवार पहुंच गया, उसने बेटे को रोते देखा तो पत्नी विनीता को आवाज लगाई। कोई आहट न मिलने पर अंदर जाकर देखा तो विनीता फांसी के फंदे पर लटक रही थी। उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां पर डाक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की तो मायके पक्ष के लोगों ने दहेज के लिए प्रताडि़त किया जाना बताया। जिसपर पुलिस ने पति सुमित अहिरवार एवं ससुर बलराम अहिरवार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।