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सांदीपनि स्कूलों के खुले दरवाजे, अब प्राइवेट स्कूलों के छात्र भी पढ़ सकेंगे यहां



जबलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं। सत्र 2026-27 के लिए जारी इस नई गाइडलाइन के तहत अब निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र भी इन सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों में दाखिला ले सकेंगे। सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के प्रवेश पर लगा पुराना प्रतिबंध पूरी तरह हटा दिया है। नए नियमों के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आठवीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नौवीं कक्षा में सीधे प्रवेश का अधिकार होगा। इसके साथ ही इन स्कूलों में सीटों की संख्या में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिन पर मेरिट या प्रवेश परीक्षा के जरिए एडमिशन दिया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के 275 स्कूलों में यह व्यवस्था प्रभावी होगी।

​आरटीई छात्रों को सीधा प्रवेश और 20 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें

​नए नियमों के मुताबिक सांदीपनि स्कूलों में खाली सीटों पर सबसे पहले पास के सरकारी स्कूलों के बच्चों को मौका मिलेगा। इसके बाद जो 20 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं, उन पर निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के छात्र मेरिट या प्रवेश परीक्षा के आधार पर आ सकेंगे। इस साल कक्षा 6वीं से 11वीं तक के दाखिले पिछली कक्षा के अंकों की मेरिट लिस्ट से होंगे, जबकि आने वाले वर्षों में इसके लिए बाकायदा परीक्षा होगी। पहली से पांचवीं तक के दाखिले पुराने आरटीई नियमों से ही चलेंगे।

​जिला स्तरीय निगरानी समिति और दो पालियों में संचालन

​स्कूलों में बढ़ती भीड़ और मांग को देखते हुए अब इन्हें दो पालियों में भी चलाया जा सकेगा। जहां बच्चों की संख्या ज्यादा होगी, वहां के प्राचार्य जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त को दो शिफ्टों में स्कूल चलाने का प्रस्ताव भेजेंगे। दूसरी पाली में मुख्य रूप से 6वीं और 9वीं कक्षा में मेरिट से प्रवेश होगा। इसके अलावा जिला स्तरीय निगरानी समिति को स्थानीय जरूरतों, अंग्रेजी माध्यम, दिव्यांग बच्चों और दूरी के हिसाब से फैसले लेने के अधिकार दिए गए हैं।

​प्रदेश में 275 सर्वसुविधायुक्त भवनों का ढांचा तैयार

​ जिले में  संदीपनी स्कूलों की संख्या 9 है।  वहीं राज्य में इस समय कुल 275 सांदीपनि विद्यालय चल रहे हैं, । जिनमें आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इनमें से 161 विद्यालयों के बड़े भवनों का निर्माण कार्य पूरी तरह से कंपलीट हो चुका है। इसके साथ ही 97 स्कूलों को पूरी तरह से नए और सर्वसुविधायुक्त परिसरों में शिफ्ट भी किया जा चुका है। बेहतर पढ़ाई के माहौल और शानदार सुविधाओं की वजह से इन सरकारी स्कूलों में आम जनता और पालकों के बीच दाखिले की होड़ मची हुई है।

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