जबलपुर। गंगापुर रेलवे स्टेशन पर नकली पानी बेचे जाने की शिकायत के बाद शुरू हुआ विवाद अब बेहद गंभीर हो गया है। सीनियर डीसीएम सौरभ जैन द्वारा अवैध रूप से नकली पानी बेचने के आरोप में एक स्टॉल को बंद कराए जाने के बाद, वाणिज्य निरीक्षक रवि मीणा और वहां के वेंडर के बीच तीखी झड़प हो गई। मामला उस समय और बिगड़ गया जब न्याय की गुहार लगाने जीआरपी थाने पहुंचे वेंडर के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट कर दी। इसकी सूचना मिलने पर जयपुर से स्टॉल मालिक इमरान ने अजमेर जीआरपी पुलिस अधीक्षक से संपर्क साधा, जिसके बाद कोटा पुलिस उप अधीक्षक शकील अहमद को जांच सौंपी गई और 3 जवानों के निलंबन की चर्चा तेज हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने अब जबलपुर मुख्य रेलवे मुख्यालय तक हलचल पैदा कर दी है, जहां मुख्य अधिकारी इस मामले पर सीधा संज्ञान ले रहे हैं।
नकली पानी पर सीनियर डीसीएम की सख्ती से भड़का विवाद
यह पूरा मामला 2 दिन पहले तब शुरू हुआ जब सीनियर डीसीएम सौरभ जैन को गंगापुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को नकली और अमानक पानी बेचे जाने की गुप्त शिकायत मिली थी। उन्होंने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए आरोपी स्टॉल को पूरी तरह से बंद करवा दिया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। इसके बाद जब वाणिज्य निरीक्षक रवि मीणा मौके पर पहुंचे, तो दुकान बंद होने से नाराज वेंडर उनसे उलझ गया। दोनों पक्षों के बीच देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उनके बीच जमकर झगड़ा हुआ, जिसने पूरे स्टेशन प्रशासन को सकते में डाल दिया।
थाने में वेंडर की पिटाई, उच्च स्तरीय जांच के आदेश
वाणिज्य निरीक्षक से झगड़े के बाद वेंडर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए जीआरपी थाने पहुंचा। लेकिन वहां मौजूद जीआरपी कर्मियों ने उसकी शिकायत लिखने के बजाय उल्टा उसी के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। पीड़ित वेंडर ने तुरंत इस प्रताड़ना की जानकारी जयपुर में मौजूद स्टॉल मालिक इमरान को दी। इमरान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे अजमेर जीआरपी पुलिस अधीक्षक को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोटा पुलिस उपाधीक्षक शकील अहमद ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस बीच जीआरपी के 3 जवानों को सस्पेंड करने की खबर भी सामने आई है, हालांकि शकील अहमद ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जबलपुर मुख्य रेलवे मुख्यालय में मची भारी हलचल
इस विवाद की गूंज अब स्थानीय स्तर से निकलकर जबलपुर मुख्य रेलवे मुख्यालय तक पहुंच चुकी है। स्टेशन पर यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर नकली पानी बेचे जाने और उसके बाद रेल अधिकारियों व पुलिस के बीच उपजे इस टकराव को मुख्यालय ने बेहद गंभीरता से लिया है। जबलपुर के मुख्य रेल अधिकारी इस पूरे मामले की पल-पल की अपडेट ले रहे हैं और विभागीय स्तर पर संज्ञान सक्रिय कर दिया गया है। उच्च अधिकारियों के इस कड़े रुख के बाद से दोषी कर्मचारियों और स्टेशन स्टाफ में भारी खलबली मची हुई है, क्योंकि मुख्यालय इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
