जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल द्वारा ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यालय स्तर पर समय-समय पर विभिन्न समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मंडलों में माल ढुलाई बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप मई 2026 के दौरान पश्चिम मध्य रेल ने 5.30 मिलियन टन ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग दर्ज की। यह उपलब्धि गत वर्ष के इसी माह में की गई 4.97 मिलियन टन लोडिंग की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत अधिक है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी माल ढुलाई के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 58.07 मिलियन टन ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग का रिकॉर्ड स्थापित किया था। यह उल्लेखनीय उपलब्धि महाप्रबंधक के सतत मार्गदर्शन एवं मॉनिटरिंग के साथ-साथ वाणिज्य और परिचालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जबलपुर, भोपाल तथा कोटा मंडलों में किए गए समर्पित और निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
फ्रेट लोडिंग के लिए किये प्रयास
- नई रेल लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण जैसे अधोसरंचना कार्यों में गति प्रदान की जा रही है।
- रेल खण्ड की क्षमता में वृद्धि और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाया। साथ ही साथ ऑपरेशनल सुधार भी किए गए।
- गुड्स टर्मिनल की वर्किंग में सुधार एवं मालगाडिय़ों के डिटेंशन को कम किया गया। इससे मालगाडिय़ों के संचालन में तेजी आई और माल ढुलाई में वृद्धि हुई।
- माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं ।
- नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।
- गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है।
- व्यापारियों/ग्राहकों से आपसी समन्वय स्थापित कर रेलवे कि फ्रेट लोडिंग की प्रोत्साहन योजनाओं से आकर्षित कर गुड्स ट्रैफिक के बढ़ावे में मददगार साबित हो रही हैं।
