जबलपुर। गढ़ा थाना पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 3 लाख 50 हजार रुपये मूल्य के 3 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में अभिषेक, सुरेंद्र, राहुल और शुभम शामिल हैं। पुलिस टीम ने यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला और नगर पुलिस अधीक्षक आशीष जैन के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज परिसर और बड्ढा बाबा मैदान में घेराबंदी कर की। इस गिरोह का मुख्य सरगना आयुष है, जो मूल रूप से धनवंतरीनगर का निवासी है और वर्तमान में इंदौर में डिलीवरी बॉय का काम करता है। फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार तलाश कर रही है।
मुखबिर के इशारे पर पुलिस की घेराबंदी
गढ़ा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मेडिकल कॉलेज परिसर में दो संदिग्ध युवक बिना नंबर की स्कूटी के साथ घूम रहे हैं और उसे कम कीमत में बेचने की कोशिश में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत योजना बनाकर मौके पर छापा मारा। पुलिस ने घेराबंदी करके वहां खड़े अभिषेक और सुरेंद्र को हिरासत में ले लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह स्कूटी इंदौर के तिलकनगर इलाके से चुराई थी।
पूछताछ के बाद दो और साथी गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गढ़ा के बड्ढा बाबा मैदान में दबिश दी। वहां दो अन्य युवक राहुल और शुभम किसी ग्राहक के इंतजार में खड़े थे। पुलिस ने इन्हें भी दबोच लिया और इनके कब्जे से इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र से चोरी की गई दो गाड़ियां बरामद कीं। इस प्रकार कार्रवाई में कुल ३ दोपहिया वाहन जब्त किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इंदौर में डिलीवरी बॉय का काम करने वाला आयुष गाड़ियां चुराकर इन्हें देता था। आयुष पर पहले से ही इंदौर के कई थानों में चोरी के मामले दर्ज हैं।
वास्तविक मालिकों की तलाश और जांच शुरू
पुलिस अब पकड़े गए चारों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके साथ ही अन्य जिलों में हुई वाहन चोरी की वारदातों में भी इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस टीम अब बरामद किए गए वाहनों के असली मालिकों का पता लगाने का प्रयास कर रही है ताकि उन्हें गाड़ियां सौंपी जा सकें। फरार मुख्य सरगना आयुष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
