रीवा। मध्य प्रदेक्श के रीवा की गुढ़ पुलिस ने मवेशियों की चोरी कर तस्करी का एक चौंैकाने वाला खुलासा किया है। शव वाहन में मरीजों की जगह बकरा और बकरी चोरी कर तस्करी की जा रही थी।इस खुलासे में सबसे खास बात यह है कि बकरा बकरी चोरी करने वाले गिरोह का मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि शव वाहन का पायलट ही निकला।
एक संगठित गिरोह बनाकर शव वाहन में मवेशियों को लादकर एक जगह से दूसरी जगह ठिकाने लगाता था। फिलहाल पुलिस नें मवेशी तस्करी का खुलासा करते हुये मास्टरमाइंड सहित गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया कर लिया है, जबकि गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पता तलाश शुरू कर दी है।
गांव से 10 बकरियां चोरी हुई थीं
दरअसल यह खुलासा रीवा के गुढ थाना प्रभारी शैल यादव ने किया है। थाना प्रभारी नें जानकारी देते हुये बताया कि बीते 29 मई को थाना क्षेत्र के ही ईटार पहाड स्थित पोखरा गांव से 10 नग बकरियां चोरी हुई थी।
नि:शुल्क सेवा देने वाले शासकीय शव वाहन में भंडाफोड
शिकायत मिलने के बाद पतासाजी के दौरान एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड हुआ जो नि:शुल्क सेवा देने वाले शासकीय शव वाहन में मवेशियों की तस्करी करता था। पुलिस नें सबसे पहले इस गिरोह के मास्टरमाइंड राजू मिश्रा को गिरफतार किया जो संजय गांधी अस्पताल के शव वाहन का पायलट ही निकला।
चोरी गए मवेशियों को सीधी से बरामद किया
पायलट ने एक संगठित गिरोह बना रखा था जो दिन में रैकी करता और रात में मवेशियों की चोरी कर उन्हें एम्बुलेंस की मदद से ठिकाने लगा देता। पुलिस नें फिलहाल इटार पहाड से चोरी गए मवेशियों को सीधी जिले के एक गांव से बरामद किया, जहां शव वाहन से ले जाकर उन्हें सुरक्षित रखा गया था।
लंबे समय से मवेशियों की चोरी और तस्करी करता था
बताया जाता है कि यह गिरोह लंबे समय से मवेशियों की चोरी और तस्करी करता था, जो अक्सर एम्बुलेंस के साथ कैश वैन जैसे वाहनों का इस्तेमाल करता था, ताकि किसी को शक ना हो।फिलहाल पुलिस नें गैंग के सरगना राजू मिश्रा और उसके सहयोगी बिछिया निवासी मोहित यादव व एक अन्य को दबोच लिया है।
मवेशी चोरी करना स्वीकार किया
पूछताछ के दौरान अकेले गुढ थाना क्षेत्र से दो दर्जन बार मवेशी चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने फिलहाल वारदात में प्रयुक्त शव वाहन को संजय गांधी अस्पताल परिसर से जप्त कर लिया है और अब गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पता तलाश कर रही है।
