जबलपुर। यादव कॉलोनी में एके इंटरप्राइजेज नाम से भूमिगत केबल डालने का कारोबार करने वाले उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी कारोबारी जितेंद्र कुमार कुशवाहा के साथ 26.74 लाख 115 रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी को उनकी ही कंपनी में किराए की मशीन चलाने वाले राजस्थान निवासी ऑपरेटर रंजीत ने खुद की मशीन खरीदने की सलाह दी थी। इसके बाद रंजीत ने जितेंद्र की मुलाकात किशनगढ़ राजस्थान के वीर तेजा इंटरप्राइजेज के संचालक विश्राम जाट से कराई। इन दोनों आरोपियों ने मिलकर पीड़ित को पहले एक एचडीडी मशीन और फिर उसके संचालन के लिए एक ट्रक, ट्रैक्टर व टैंकर बेचने का सौदा किया। पूरी रकम बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने न तो मशीनरी दी और न ही वाहन सौंपे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुराने ऑपरेटर ने जाल बिछाकर मालिक को फंसाया
कारोबारी जितेंद्र कुमार कुशवाहा के यहाँ पिछले तीन साल से रंजीत नाम का व्यक्ति किराए की मशीन लाकर ऑपरेटिंग का काम कर रहा था। काम के दौरान ही रंजीत ने जितेंद्र का विश्वास जीता और उन्हें हर महीने भारी-भरकम किराया देने के बजाय खुद की नई मशीन खरीदने का लालच दिया। कारोबारी इस झांसे में आ गए और उन्होंने रंजीत की बात पर भरोसा कर लिया। इसके बाद रंजीत ने सुनियोजित तरीके से उन्हें राजस्थान के किशनगढ़ में वीर तेजा इंटरप्राइजेज चलाने वाले विश्राम जाट नाम के डीलर से मिलवाया।
लाखों रुपये ऐंठने के बाद बदल गए आरोपियों के सुर
डीलर विश्राम जाट ने केबल डालने वाली एचडीडी मशीन का सौदा 10.62 लाख रुपये में तय किया। इसके बाद आरोपियों ने जितेंद्र को समझाया कि मशीन को साइट पर लाने और ले जाने के लिए वाहनों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने पीड़ित को एक ट्रक, एक ट्रैक्टर और एक पानी का टैंकर खरीदने का ऑफर दिया, जिसकी कीमत 16.09 लाख रुपये तय की गई। पीड़ित ने दोनों आरोपियों की बातों में आकर कुल 26 लाख 74 हजार 115 रुपये उनके बताए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलते ही आरोपियों ने फोन उठाने बंद कर दिए और सामान देने से साफ मुकर गए।
पुलिस ने बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच शुरू की
काफी समय बीत जाने और लगातार चक्कर काटने के बाद भी जब जितेंद्र को न तो मशीन मिली और न ही गाड़ियां, तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला। थक-हारकर पीड़ित ने जबलपुर पुलिस में इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद आरोपी रंजीत और विश्राम जाट के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अमानत में खयानत की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों के बैंक खातों के लेन-देन और सौदे से जुड़े कागजातों की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
