भोपाल. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक विकास और युवाओं को रोजगार के साथ ही साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई और 24,200 करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर किए गए। इसके साथ ही 21 जून योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे को लेकर भी रूपरेखा की तैयारी सुनिश्चित की गई।
तबादलों के लिए रात 12 बजे तक का दिया समय
नई तबादला नीति के अनुसार मध्य प्रदेश के 15 विभिन्न विभागों में 1 जून से 15 जून तक 15 हजार से ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले किए जा चुके हैं। वहीं कुछ विभागों में ट्रांसफर नहीं हो पाए थे। इन विभागों में जहां कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या बहुत अधिक है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इन्हें एक दिन यानी 16 जून का समय और दिया जाता है। रात के 12 बजे तक ये विभाग केवल उन कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर कर सकते हैं, जो अनुमोदित हो चुके हैं। बैठक में सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 16 जून के बाद अब एक भी ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। सभी के पास 24 घंटे से भी कम समय है ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी कर लें।
साइबर सुरक्षा सेंटर स्थापित होगा
मध्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को साइबर सुरक्षा से बचने, जागरूक करने और साइबर से संबंधित आधुनिक उपकरण इस सेंटर में उपलब्ध कराए जाएंगे।
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त 5,388 करोड़ की स्वीकृति
कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णयों में इंदौर की मेट्रो को गति देने के लिए राशि स्वीकृत की गई। इसके तहत जहां लॉन्चिंक के समय 2017 की लागत जो 7,500 करोड़ के आंकलन पर थी, वह वर्तमान समय और जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों की मांग पर उसकी रूपरेखा में किए गए बदलावों के कारण वर्तमान में बढ़कर 12,889 करोड़ हो चुकी है। इसके लिए 5,388 करोड़ की लागत की स्वीकृति दी गई है। अब यह 31 किमी की मेट्रो 2030-31 तक पूर्ण रूप से परिचालन में आ जाएगी।
24, 200 करोड़ की अहम प्रोजेक्ट्स की निरंतरता को मंजूरी
एमपी कैबिनेट बैठक में इंदौर की मेट्रो के अलावा कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की निरंतरता को बनाए रखने के लिए 24,200 करोड़ रुपए की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें वन विभाग के प्रोजेक्ट टाइगर के लिए, श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के लिए 531 करोड़, जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक योजनाओं के लिए करीब 600 करोड़, खासकर कुटीर ग्रामोउद्योग में रेशम के बहुआयामी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 439 करोड़ की ताकि खेती, उद्योग और रोजगार को विस्तार दिया जा सके। रेशम की मार्केटिंग में भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निजी संचालन की तैयारी
एमपी के कई स्वास्थ्य केंद्र जो 20 बिस्तर से ज्यादा है, उनमें डॉक्टर से लेकर स्टाफ की कमी को देखते हुए अहम निर्णय लिया गया है। इसके तहत तीन जिलों रीवा, देवास के साथ ही गुना जिले के 18 सामुदायिक केंद्रों का नीजि संचालन किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही सरकार एक नई नीति ला चुकी है। जिसके तहत निजी व्यक्ति अपने स्तर पर ही इनमें सारे संसाधनों की व्यवस्था करेंगे, डॉक्टर्स और विशेषज्ञों समेत कर्मचारी भी उन्हीं के होंगे। केवल संपत्ति और दवाएं ही मध्यप्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी। यह व्यस्था पीपीपी मॉडल के आधार पर होगी और बाकायदा टेंडर निकाला जाएगा, कम से कम लागत और अच्छा गुणवत्तायुक्त रिकॉर्ड रखने वालों को ही इस प्रोजेक्ट के लिए चुना जाएगा।
राज्य में बड़े चिकित्सालय लगाने पर अनुदान देगी सरकार
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए अहम फैसला भी लिया गया। इसके तहत परोपकारी और कल्याणकारी संस्थाएं हैं, इनमें से जो कोई भी संस्थान मध्य प्रदेश में एक बड़ा चिकित्सालय स्थापित करना चाहती हैं, तो ऐसी संस्थाओं को प्रदेश सरकार जमीन उपलब्ध करवाएगी। जमीन के साथ ही उन्हें सुपरस्पेशिलिटी के इक्विपमेंट क्षेत्र के हिसाब से यानी जो समृद्ध क्षेत्र हैं ए बी सी जैसे कैटेगरी वाले उसके अनुसार मशीनों के लिए पूंजीगत अनुदान भी दिया जाएगा। प्रस्तावित इस मुद्दे पर 5 मंत्रियों की कमेटी गठित की है। ये कमेटी इन संस्थानों के सारे मापदंड तैयार करेगी। इसकी नीति तैयार कर बड़े धर्मार्थ संस्थान, कल्याणकारी या परोपकारी और चैरिटेबल संस्थानों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। छोटे जिलों को जहां अस्पतालों की आवश्यकता है, वहां 200 बिस्तर के अस्पताल लगाए जा सकेंगे। आयुष्मान कार्ड की सुविधाएं इनमें उपलब्ध की जा सकेंगी।
