जबलपुर। मानसून का दौर शीघ्र ही शुरू हो रहा है. जिसे देखते हुए रेलवे अभी से सतर्क हो गया है और बड़े पुलों और संवेदनशील स्थानों पर जलस्तर बढऩे या मिट्टी धंसने का खतरे से निपटने के लिए स्थायी पहरेदार (वाचमैन) तैनात होंगे। ये कर्मचारी 24 घंटे जलस्तर और ट्रैक की स्थिति को देखेंगे। आपात स्थिति में ये तुरंत नजदीकी स्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे, जिससे ट्रेनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा सकेगा और यात्री सुरक्षित होंगे।
डीईएन इंजन व ट्राली से सतत् निरीक्षण करेंगे
देश भर के उन सभी पुलों और संवेदनशील स्थानों की पहचान की जा रही है जहां भारी बारिश के कारण जलस्तर बढऩे या मिट्टी धंसने का खतरा रहता है। जिन स्थानों पर पूर्व में जल भराव आदि हुआ है, उन्हें सूची में पहले ही शामिल कर लिया गया है। इस बार मानसून कर्मचारियों के अलावा सहायक मंडल अभियंता से लेकर वरिष्ठ मंडल अभियंता स्तर के अधिकारी नियमित रूप से इंजन के केबिन में बैठकर और ट्राली के जरिए पटरियों की जांच करेंगे।
मौसम विभाग से रेलवे का डायरेक्ट कोआर्डिनेशन
रेलवे, मौसम विभाग से सीधा समन्वय करेगा और खराब मौसम की चेतावनियों के आधार पर गैंग मेट और पेट्रोलमैन को तुरंत अलर्ट किया जाएगा। अगर रात के समय अचानक भारी बारिश या तूफान आता है, तो गैंग मेट अपने विवेक से गश्त बढ़ा सकेंगे, ताकि समय रहते ट्रैक की स्थिति का पता चल सके। उद्देश्य है पूरी तरह से सुरक्षित रेल यात्रा।
यह है प्रमुख निर्देश
- स्टेशन, यार्डों और पटरियों के किनारे जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था दुरुस्त रहे, ताकि ट्रैक पर पानी जमा न हो।
- पहाड़ी रास्तों पर ढीली चट्टानों को हटाने और ट्रैक के पास के खतरनाक पेड़ों की छंटाई ।
- खराब मौसम की चेतावनी मिलते ही संबंधित रूट पर पेट्रोलिंग बढ़ाने।
