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पुलिस अधिकारी बनकर नौकरी और मकान के नाम पर 21 लाख की ठगी



संजीवनी नगर पुलिस ने फर्जी आरोपी के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

जबलपुर। संजीवनी नगर थाना इलाके में खुद को पुलिस विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाले एक जालसाज का मामला सामने आया है। आरोपी ने अलग-अलग लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी और मकान दिलाने का लालच देकर लगभग 21 लाख रुपए ऐंठ लिए। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार संजीवनी नगर की नव निवेश कॉलोनी में रहने वाला धीरेंद्र सिंह ठाकुर खुद को पुलिस का अधिकारी बताता था। वह लोगों पर धौंस जमाता था कि सरकारी महकमों में उसकी बहुत ऊंची पहुंच है। उसने लोगों को आंगनबाड़ी में सुपरवाइजर, पंप अटेंडर, सिविल कोर्ट और स्वास्थ्य विभाग में पक्की नौकरी के साथ-साथ सरकारी मकान दिलाने का भी भरोसा दिया। उसकी इन बातों में आकर ज्योति थौराट ने 2 लाख, संदीप रंगारे ने 60 हजार, रजनी वैद्य ने 1 लाख 80 हजार, छाया उइके ने 1 लाख 50 हजार, आरती झारिया ने 80 हजार, अभिलाषा प्रजापति ने 50 हजार और पिंकी विश्वे ने 1 लाख रुपए आरोपी को दे दिए। इनके अलावा रजनी जामोलकर, हेमलता रंगारे, सुजाता जामोलकर, भारती द्विवेदी, संजय चढ़ार, सदानंद भिसेकर, अभिषेक ठाकुर, मुकेश चौधरी, ममता पांडे और कीर्ति रजक जैसे कई अन्य लोगों ने भी उसे लाखों रुपए सौंपे। पैसे लेने के बाद भी जब किसी को न तो नौकरी मिली और न ही मकान, तब लोगों को ठगी का अहसास हुआ। आरोपी बेहद चालाक था और लोगों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें कभी एसडीएम कार्यालय पाटन तो कभी सिविल सर्जन नरसिंहपुर के नाम के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिखाता था। हद तो तब हो गई जब उसने लोगों को गुमराह करने के लिए भोपाल वल्लभ भवन के मुख्य सचिव के नाम का फर्जी आदेश भी थमा दिया। जब पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और अपना घर छोड़कर कहीं अज्ञात जगह पर भाग गया। पुलिस अब मामला दर्ज कर फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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