जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल में वाणिज्य/परिचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के दो माह में रुपये 1583 करोड़ 43 लाख का कुल प्राम्भिक राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के इसी माह (1520 करोड़ 70 लाख रुपये) की तुलना में 4.13 प्रतिशत अधिक है। जिसमें यात्री यातायात से रुपये 456 करोड़ 95 लाख, माल यातायात से रुपये 1039 करोड़ 02 लाख, अन्य कोचिंग मद में रुपये 33 करोड़ 48 लाख एवं विविध आय यानि संड्री से रुपये 53 करोड 98 लाख का रेलवे ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू शामिल है।
यदि मण्डल वाइस बात करे तो दो माह में जबलपुर मण्डल ने रुपयेे 969 करोड़ 31 लाख, भोपाल मण्डल ने 350 करोड़ 30 लाख एवं कोटा मण्डल ने रुपये 263 करोड़ 82 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है।
यात्री यातायात के लिए किये प्रयास
- स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही पमरे से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि को विस्तारित भी किया जा रहा हैं।
- यात्री ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची को क्लीयर करने के लिए अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं।
- यात्रियों की सुविधा के लिए नए प्रायोगिक ठहराव दिए जा रहे हैं। साथ ही मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि को भी बढ़ाया जा रहा हैं।
माल यातायात के लिए किये ये प्रयास
- माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं ।
- नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।
- गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है।
- व्यवसाय विकास इकाइयां (बीडीयू) के तहत नए ग्राहक को आकर्षित करने के लिए रेलवे द्वारा फ्रेट लोडिंग की प्रोत्साहित योजनाओं के अंतर्गत अनेक छूट और रियायतें दी जा रही हैं।
अन्य कोचिंग एवं विविध आय यानि संड्री रेवेन्यू के लिए प्रयास
- गैर किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नविन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- नई अभिनव गैर किराया राजस्व विचार योजना (निनफ्रीस) निति के तहत नयी-नयी योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
