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संस्कारधानी में पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल, इस साल रोपे जाएंगे 11 लाख पौधे



जबलपुर। जबलपुर को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से नगर निगम इस जून माह से 11 लाख पौधे लगाने का एक विशाल अभियान शुरू करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्ययोजना के तहत पहले चरण में उमरिया पिपरिया की 20 एकड़ भूमि पर एक भव्य नगर वन तैयार किया जाएगा। इस स्थल का महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अधिकारियों के साथ संयुक्त दौरा कर भूमि का जायजा लिया। इस पूरे प्रोजेक्ट में जापानी मियाॅंवाकी पद्धति से सघन वन, प्राकृतिक जलाशय, पैदल पथ और फलदार वृक्षों का विकास किया जाएगा। आने वाले 1 वर्ष में शहर के विभिन्न हिस्सों की कुल 175 एकड़ भूमि को चिन्हित कर बड़े ऑक्सीजन जोन के रूप में तब्दील किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम से अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, उद्यान अधिकारी मनीष तड़से, सहायक यंत्री मनोज पटैल, दीप्ति भनारिया, अमन तिवारी और सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे।

​उमरिया पिपरिया की खाली जमीन पर जापानी मियाॅंवाकी तकनीक से बनेगा सघन वन

​प्रशासन द्वारा चयनित 20 एकड़ के इस विशाल भूभाग को पूरी तरह से प्राकृतिक रूप देने के लिए अत्याधुनिक जापानी मियाॅंवाकी तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इस विशेष वैज्ञानिक पद्धति की खूबी यह है कि इसमें पौधे आम तरीकों की तुलना में कई गुना तेजी से बढ़ते हैं और देखते ही देखते वह क्षेत्र एक गहरे जंगल का रूप ले लेता है। इस वन क्षेत्र के भीतर प्राकृतिक जलस्रोतों और तालाबों को नया जीवन दिया जाएगा। इसके साथ ही यहां आने वाले लोगों के भ्रमण के लिए सुंदर वॉकिंग ट्रैक का निर्माण भी होगा। पर्यावरण के संतुलन को बेहतर बनाने और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को आकर्षित करने के लिए यहां बड़े पैमाने पर फलदार पौधे रोपे जाएंगे, जिससे यह स्थान शहर का एक प्रमुख पर्यटन और स्वास्थ्य केंद्र बनेगा।

​वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने शहर में 1 साल में तैयार होंगे विशाल ग्रीन बेल्ट

​शहरी जीवन को स्वच्छ हवा देने और वायु प्रदूषण के स्तर को तेजी से घटाने के लिए नगर निगम ने एक साल का विशेष रोडमैप तैयार किया है। इसके अंतर्गत शहर के अलग-अलग कोनों में फैली लगभग 175 एकड़ सरकारी भूमि को चिन्हित करने का काम तेजी से चल रहा है। इन सभी चिन्हित जमीनों को आगामी 1 वर्ष की समय सीमा के भीतर सघन वन क्षेत्रों में बदल दिया जाएगा। इन विशाल ग्रीन बेल्ट्स का सीधा लाभ स्थानीय जनता को मिलेगा क्योंकि ये क्षेत्र मुख्य ऑक्सीजन बैंक की तरह काम करेंगे। इस दूरगामी योजना से न केवल शहर का तापमान नियंत्रित रहेगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक शुद्ध, सेहतमंद और प्राकृतिक वातावरण का उपहार भी मिल सकेगा।

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