ओबीसी महासभा ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के खरीदी केंद्रों, खासकर काटी केंद्र पर, घटिया अनाज तौला जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसान परेशान हैं, लेकिन प्रशासन और स्थानीय विधायक संजय पाठक इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी नाराजगी में प्रदर्शनकारियों ने विधायक का पुतला दहन किया, जिससे वहां काफी देर तक तनाव बना रहा।
थाना प्रभारी के खिलाफ फूटा गुस्सा-
प्रदर्शन के दौरान ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए गए। महासभा का कहना है कि थाना प्रभारी दबंगों को संरक्षण दे रहे हैं और आदिवासियों की जमीन हड़पने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि एक पीडि़त महिला को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पांच दिनों तक भटकना पड़ा और उसे थाने से भगा दिया गया। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी का भी पुतला फूंका।
पुलिस ने चलाई पानी की बौछार-
जब प्रदर्शनकारी पुतला दहन कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और आग बुझाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर काफी अफरा-तफरी मची रही। ओबीसी महासभा ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि खरीदी केंद्र प्रभारी अनमोल दुबे और थाना प्रभारी अभिषेक चौबे को तुरंत हटाया जाए। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन करेंगे।