जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना के क्रियान्वयन में हुई भारी वित्तीय धांधली के बाद एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सागर के मकरोनिया थाने में बर्खास्त संविदा सहायक अभियंता अवनीश जारोलिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला किसानों से जुड़ी योजना में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी से जुड़ा है, जिसमें करीब 73 लाख रुपये की सामग्री का गलत तरीके से आहरण किया गया था।
बिना वर्क ऑर्डर के निकाला लाखों का सामान
जांच में यह बात सामने आई है कि सागर के एसटीसी उपसंभाग में पदस्थ रहे अवनीश जारोलिया के पास उपसंभाग-2 का भी अतिरिक्त प्रभार था। इस दौरान उन्होंने बिना किसी आधिकारिक कार्यादेश या वर्क ऑर्डर के ही क्षेत्रीय भंडार से बड़ी मात्रा में बिजली उपकरण और अन्य सामग्री निकलवा ली। मुख्यालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने जब शिकायतों की गहराई से पड़ताल की, तो पाया कि 73 लाख रुपये के सरकारी सामान को निकालने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन ही नहीं किया गया था।
पद का दुरुपयोग व संविदा नियमों का उल्लंघन
आरोपी इंजीनियर ने सामग्री आहरित करने के लिए अलग-अलग पदनामों का सहारा लिया और कंपनी के दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर दिया। जांच समिति के प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि यह पूरी तरह से गंभीर आर्थिक अनियमितता का मामला है। इसके बाद विभाग ने न केवल अवनीश जारोलिया की संविदा सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं, बल्कि पुलिस में आपराधिक मामला भी दर्ज कराया। फिलहाल मकरोनिया पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) के तहत अपराध क्रमांक 0137/2026 दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
कम्पनी की चेतावनी,बर्दाश्त नहीं करेंगे करप्शन
विद्युत कंपनी प्रबंधन का कहना है कि शासकीय योजनाओं के बजट और सामग्री का उपयोग पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए। किसानों के हित के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ इसी तरह की कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
