भोपाल। एमपी के भोपाल में 9 बदमाशों ने दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन का अपहरण कर लिया। जिन्हे चार घंटे तक भोपाल की एक होटल में बंधक बनाकर रखा। यहां तक कि कनपटी पर पिस्टल सटाकर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
वारदात के बाद मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन आज भोपाल एम्स से पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। मास्टरमाइंड के साथ 5 सहयोगी भी पकड़े गए हैं, जबकि 3 आरोपी फरार हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसी संस्थान की फ्रेंचाइजी चलाने वाला युवक है। आरोपी भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है। वह पहले दिल्ली में रहकर आईएएस कोचिंग के जरिए तैयारी कर चुका है।
भोपाल की ताज होटल में रुकी थी डायरेक्टर-
डायरेक्टर शुभ्रा रंजन के अनुसार आरोपी ने भोपाल में कोचिंग की दूसरी ब्रांच खोलने और उस जगह का निरीक्षण कराने के बहाने उन्हें बुलाया। वह दिल्ली से भोपाल आई थीं। वह शहर के एक नामी होटल ताज में ठहरी थीं।
बागसेवनिया स्थित फ्लैट में बंधक बनाकर रखा-
आरोपी प्रियंक शर्मा उन्हें होटल से 2-3 बजे के करीब अपने साथ ले गया। इसके बाद बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले जाकर बंधक बना लिया। जान से मारने की धमकी दी। कनपटी पर पिस्टल रखी। जान बख्शने के एवज में अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए।
फिरौती वसूलने दतिया से बुलाए बदमाश-
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रियंक शर्मा पहले से आईएएस अकादमी की एक फ्रेंचाइजी चला रहा था। उसे अंदाजा था कि डायरेक्टर के पास पर्याप्त पैसा है, इसलिए उसने साजिश रची। उसने दतिया और कालापीपल में रहने वाले अपने साथियों को बुलाया।
शोर दबाने के लिए कराया सुंदरकांड-
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस फ्लैट में महिला डायरेक्टर को बंधक बनाया गया था, वहां वारदात वाले दिन सुंदरकांड का पाठ कराया गया। मकसद था कि पीडि़ता शोर मचाए तो आवाज बाहर तक न पहुंचे। फ्लैट के एक कमरे में उन्हें 4 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया। रुपए मिलने के बाद रात को उनकी रिहाई हुई। पुलिस ने सभी खातों में रकम होल्ड करा दी है, ताकि रकम सुरक्षित रहे।
गिरफ्तारी के डर से एम्स के आईसीयू में भरती हो गया था आरोपी-
प्रियंक वारदात के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। इसके लिए वह कई एजेंट्स के संपर्क में था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। उसके रिश्तेदारों की निगरानी शुरू की। गिरफ्तारी के डर से वह एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गया। क्राइम ब्रांच को भनक लगते ही टीम ने अस्पताल पहुंचकर आईसीयू से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसकी मां और पत्नी ने गिरफ्तारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।