जबलपुर। गोराबाजार थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और चोरी की वारदातों ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। अखिल भारतीय मानव अधिकार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडेय ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कजरवारा पुरानी बस्ती में हुई बड़ी चोरी की घटना का उल्लेख करते हुए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर सख्त कार्यवाही की मांग की है। क्षेत्र में लगातार हो रही वारदातों से जनता के बीच असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
कजरवारा पुरानी बस्ती में लाखों की बड़ी चोरी
बीती 10 मई की रात कजरवारा पुरानी बस्ती के निवासी कंधी लाल उपाध्याय के सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया। घटना के समय मकान मालिक अपने बेटे के पास बिलहरी गए हुए थे। चोरों ने घर के भीतर प्रवेश कर दो गोदरेज अलमारी के तालों को बिना तोड़े, बड़ी चालाकी से उनकी रॉड निकालकर लॉकर खोल दिए। इस वारदात में चोरों ने सोने की चेन, चार अंगूठियां, मंगलसूत्र, चार चूड़ियां और भारी मात्रा में नकद राशि पार कर दी। अनुमान के मुताबिक करीब 8 से 9 लाख रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी पर चोरों ने हाथ साफ किया है।
घटनास्थल पर मिले साक्ष्य, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
चोरी की सूचना मिलते ही गोराबाजार थाने से एएसआई मरावी ने टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया था। उसी दिन एफआईआर दर्ज कर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाया गया। हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि शुरुआती कार्यवाही के बाद पुलिस ने मामले की जांच ठप कर दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटनास्थल पर चोरों के जूते बरामद हुए थे, जिन्हें पुलिस ने अब तक जांच के लिए कब्जे में नहीं लिया है। तकनीकी साक्ष्यों और डॉग स्क्वायड की मदद लेने के बजाय पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।
इलाके में अवैध गतिविधियों का बढ़ता ग्राफ
अजय पांडेय ने बताया कि गोराबाजार और कजरवारा क्षेत्र में केवल चोरी ही नहीं, बल्कि जुआ और नशे का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। रात के समय दुकानें देर तक खुली रहती हैं, जहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। रात 1 बजे के बाद भी नशीली सामग्री की बिक्री होने की शिकायतें मिल रही हैं। आवारा तत्व बिना किसी डर के सड़कों पर घूमते हैं, जिससे आम नागरिकों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। पुलिस गश्त के अभाव में इन अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
पुलिस अधीक्षक से की जांच की मांग
वारदात के कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष में भारी आक्रोश है। चोरी का शिकार हुए घर मालिक ने अब स्वयं पहल करते हुए चोरों का पता बताने वाले या उन्हें पकड़वाने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये का गुप्त इनाम देने की घोषणा की है। इस बीच, मानव अधिकार समिति ने पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय को पत्र लिखकर मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित की जाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद किया जाए।

